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बूंदीभूड़ में तेंदुए ने आवारा बछड़े को बनाया निवाला

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17 पीबीटीपी 07
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तेंदुए ने बछड़े को मारा, नहीं गया पिंजरे के पास
तेंदुए की बढ़ती सक्रियता से पस्त हुआ विभाग, आतंक जारी
पिंजरे से दूर होकर तेंदुआ आबादी क्षेत्र में कर रहा हमले
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। सीमावर्ती इलाके में आतंक का पर्याय बने तेंदुए को पकड़ने के किए जा रहे प्रयास फेल होते नजर आ रहे हैं। तेंदुए की सक्रियता क्षेत्र में लगातार जारी हैं। रविवार रात तेंदुए ने बूंदीभूड़ गांव में आबादी के करीब आकर एक आवारा बछड़े को अपना निवाला बना लिया। इधर, कैद करने को लगाए गए पिंजरों से तेंदुआ दूरी बनाए हुए है।
बराही रेंज के अंतर्गत नौजल्हा जंगल से निकल बाहर आ रहे तेंदुए का आतंक लगातार जारी है। ऐसे में टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा तेंदुए को पकड़ने के लिए किए जा रहे प्रयास सफल होते नजर नहीं आ रहे हैं। तेंदुए की चहलकदमी लगातार क्षेत्र के अलग-अलग जगहों पर देखी जा रही है। रविवार आधी रात के बाद तेंदुआ बूंदीभूड़ गांव में आबादी के निकट जा पहुंचा। यहां तेंदुए ने श्याम विश्वास के घर के निकट घूम रहे एक आवारा बछड़े पर हमला कर उसे अपना निवाला बना लिया। इसके बाद तेंदुआ गांव के मनी विश्वास के खेत में जा घुसा। आहट पर उठे ग्रामीणों के शोरशराबा करने के बाद तेंदुआ वहां से आगे की ओर निकल गया। ग्रामीणों के मुताबिक तेंदुआ काफी देर तक खेत में मौजूद रहा। घटना की सूचना वनकर्मियों को दी गई, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक सोमवार अपराह्न तक कोई वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
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तो क्या पिंजरों को भाप गया तेंदुआ
महाराजपुर में बाघ की दस्तक के बाद हरकत में आए अधिकारियों ने बाघ व तेंदुए की चहलकदमी को देखते हुए महाराजपुर व नौजल्हा से बूंदीभूड़ जाने वाले मार्ग पर दो पिंजरे लगाए हैं। सक्रियता को जानने के लिए पिंजरे के समीप कैमरे भी लगा दिए गए हैं। खास बात यह रही कि तेंदुआ दो दिन पूर्व से रात को पिंजरे के समीप तक आकर भीतर बंधी बकरी को निहारने के बाद वापस लौट गया। तेंदुए की तस्वीर वहां लगे कैमरे में भी कैद हुई। रविवार रात तेंदुए की सक्रियता को देखते हुए अधिकारियों ने बकरी को पिंजरे के बाहर बांधा, लेकिन इसके बावजूद तेंदुआ वहां नहीं पहुंचा। ऐसे में यह माना जा रहा है कि तेंदुआ क्षेत्र में लगे पिंजरे को भाप गया। इस स्थिति में टाइगर रिजर्व प्रशासन अब क्या मंथन करता हैं? यह समय के गर्भ में है।
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वर्जन
जिम्मेदार बोले नहीं है घटना की जानकारी
बूंदीभूड़ गांव में बीती रात आवारा बछड़े को मारने की कोई घटना मेरे संज्ञान में नहीं है। क्षेत्र में काफी संख्या में आवारा मवेशी घूम भी रहे हैं। तेंदुए की सक्रियता को देखते हुए निगरानी अभियान जारी है। कैद करने को लगाए पिंजरे के समीप आकर तेंदुए के वापस लौटने के बाद बीती रात बकरी को पिंजरे के बाहर बांधा गया, लेकिन तेंदुआ वहां नही पहुंचा।
- चंदभाल, वनक्षेत्राधिकारी, बराही रेंज
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