27 पीबीटीपी 9,10
धरती के भगवान की बेरुखी ने ले ली मासूम की जान
क्रासर...
पट्टे में उलझकर घायल हुई बच्ची की इलाज के अभाव में हुई मौत, शव पोस्टमार्टम को भेजा
परिजनों ने एक प्राइवेट व एक सरकारी चिकित्सक पर लगाए संगीन आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। इंजन के पट्टे में फंसकर घायल हुई आठ साल की मासूम बच्ची की मौत के बाद जिला अस्पताल और एक प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सक पर परिवार वालों ने संगीन आरोप लगाए हैं। समय पर चिकित्सकों की ओर से इलाज न दिए जाने पर मासूम की जान जाने की बात परिजनों ने कही है। न्यूरिया पुलिस ने बुधवार को सूचना मिलने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के दुबहा महोफ गांव निवासी कंचनलाल खेती करते हैं। उनकी आठ साल की बेटी शबनम मंगलवार शाम खेत पर बकरी चराने के लिए गई थी। वहां चल रहे इंजन के पट्टे में उसका दुपट्टा पास से गुजरते समय फंस गया। इससे पट्टे में फंसकर वह गंभीर रुप से घायल हो गई। परिजनों ने उसको सीएचसी भर्ती कराया, जहां से उसको जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी शाम करीब छह बजे मौत हो गई।
बच्ची के चाचा कृष्ण कुमार व अन्य परिजनों का आरोप है कि शबनम की मौत चिकित्सकों की लापरवाही से हुई है। उन्होंने बताया कि जब वह न्यूरिया सीएचसी से रेफर कराकर बच्ची को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां मौजूद चिकित्सक ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। प्राइवेट अस्पताल में ले जाने की बात कहकर टाल दिया गया। इसके बाद वह जिला अस्पताल गेट स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में गए। यहां चिकित्सक ने बच्ची को गंभीर बताते हुए किसी अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह दे दी। इसके बाद गौहनिया चौराहा के पास एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि वहां कि चिकित्सकों ने पहले 20 हजार रुपये जमा करने की बात कही। रुपये न होने पर मरीज को पैसों को इंतजाम कर लाने की बात कहकर भगा दिया। इसके बाद दुबारा वह जिला अस्पताल आ गए। यहां काफी खुशामद करने के बाद बच्ची के इलाज के नाम पर औपचारिकता निभाई गई। नतीजतन उसकी मौत हो गई। इधर, सूचना मिलने पर पहुंची न्यूरिया पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया है। किसी तरह की तहरीर पुलिस को अभी नहीं दी गई है। हालांकि परिजन पोस्टमार्टम के बाद डीएम से इसकी शिकायत करने की बात कह रहे हैं।
000
कक्षा दो की छात्रा थी शबनम
किसान कंचनलाल के चार बच्चे है। बेटी शबनम तीन बहनों में दूसरे नंबर की थी। उसके एक बड़ी बहन शिवानी व छोटी बहन उजाला है। इसके अलावा एक भाई अजय है। शबनम गांव के ही प्राइमरी विद्यालय में कक्षा दो की छात्रा थी। उसकी मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
000
इस तरह का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर इसको लेकर किसी तरह की लिखित शिकायत मिलती है, तो गंभीरता से जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई कराई जाएगी।- डॉ.सीमा अग्रवाल, सीएमओ