फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोटबंदी और जीएसटी हित में बता रहें कारोबारी

विज्ञापन
विज्ञापन
योजनाओं का मिला साथ... युवा हुआ स्वरोजगार के साथ
विज्ञापन

मुद्रा योजना के तहत 102 करोड़ से अधिक का बंटा लोन
नोटबंदी और जीएसटी पर विपक्ष मचा रहा बवाल तो इसे हित में बता रहे कारोबारी

अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। भले ही केंद्र और प्रदेश की योजनाएं विरोधियों के निशाने पर रही हो। लेकिन शासन द्वारा नए उद्योग या अपना व्यवसाय शुरू के लिए प्रक्रिया सरल करने और मुद्रा लोन देने के प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव नजर आ रहे है। जिले का युवा अब नौकरी की जगह स्वरोजगार अपनाकर न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रहा है बल्कि बेरोजगारों को रोजगार देने का भी काम कर रहा है। पिछले दो वर्षों के आंकड़ों की बात करें तो जिले में 425 छोटे-बड़े उद्योग के नए पंजीकरण हुए हैं। वहीं मुद्रा योजना के तहत 102.22 लाख का लोन भी बैंक द्वारा कारोबार करने के लिए बांटा गया है। कारोबारी नया उद्योग लगाने की प्रक्रिया को बेहद सरल बता रहे हैं। नए उद्यमियों का कहना है कि पहले जिला उद्योग केंद्र में अफसरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद व्यवस्था में काफी बदलाव आया है। पंजीकरण की व्यवस्था ऑनलाइन कर दी गई है, इस कारण अब कारोबारियों को कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे।

वर्तमान में चल रही योजनाएं
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत स्वरोजगार के लिए युवाओं से 30 जून तक आवेदन मांगे गए। आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष मध्य रखी है। प्रधान लिपिक तनवीर अहमद बताते है कि शासन से 114 का लक्ष्य मिला है इसके सापेक्ष 140 लोग अब तक आवेदन कर चुके हैं। इनमें कुछ लोगों का शुक्रवार को इंटरव्यू होगा। इस योजना के तहत उद्यम के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये, सेवा उद्यम के लिए 10 लाख रुपये और व्यवसाय के लिए दो लाख रुपये का लोन बैंक के माध्यम से स्वीकृत किया जाएगा।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना
- प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत उद्योग लगाने के लिए अधिकतम 25 लाख और सेवा कार्य के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक लोन का प्रावधान है। इस बार सिर्फ छह आवेदन मांगे गए हैं। जबकि पिछले वर्ष 39 आवेदन मांगे थे जिसमें 30 लोगों को इस योजना का लाभ मिला था।

27पीबीटीपी-5
वर्जन-
जीएसटी लागू होने के बाद से कारोबार अच्छा हो गया है। व्यापारियों व कारोबारियों के लिए जीएसटी पूरी तरह फायदेमंद है। जीएसटी की दरें कुछ चीजों पर अगर कम कर दी जाए तो व्यापारी वर्ग पूरी तरह सरकार की इस मंशा पर खरा उतरेंगे।
- विनीत अग्रवाल, कारोबारी

27पीबीटीपी-6
वर्जन-
जीएसटी से कृषि क्षेत्र बाहर होना चाहिए। जिससे किसानों को कृषि यंत्र व पेस्टीसाइड सस्ती मिल सके। जीएसटी लागू होने से पहले कृषि क्षेत्र में किसी तरह का टैक्स नहीं था। अब किसानों को 12 से 18 प्रतिशत तक जीएसटी देना पड़ रहा है। जीएसटी लागू कर सरकार ने अच्छा किया, लेकिन बिना प्रशिक्षण के व्यापारियों को काम करने में काफी दिक्कत हो रही है।- सिद्धार्थ अग्रवाल, कारोबारी

27पीबीटीपी-7
वर्जन-
पिछले दो साल में 475 नए उद्योग स्थापित किए गए। जिनका ऑनलाइन पंजीकरण कराया गया है। नए उद्योग लागने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले बेहद सरल कर दी गई है। पंजीकरण से लेकर एनओसी लेने के बाद अब कारोबारी को कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे है। ऑनलाइन आवेदन में ही सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाती हैं। - तनवीर अहमद, वरिष्ट लिपिक, जिला उद्योग केंद्र
विज्ञापन


27पीबीटीपी-8
वर्जन-
जीएसटी लागू होने के बाद उद्यमियों को बड़ा फायदा पहुंच रहा है। मार्केट में कंपटीशन बढ़ गया है, टैक्स चोरी लगभग बंद हो गई है। पहले कई तरह के टैक्स देने पड़ते थे और अब सिर्फ जीएसटी देना पड़ता है। आईटीसी का लाभ पहले व्यापारियों को स्टेट लेवल पर मिलता था अब पूरे भारत में इसका लाभ उनका मिल रहा है। - अरुण पांडे, डिप्टी कमिश्रर, वाणिज्य कर विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें