पीलीभीत। अनुमति की आड़ में मिट्टी का अधिक खनन करने के मामले में हकीकत परखने पहुंचे एडीएम ने बड़ी लापरवाही पकड़ी है। यहां चार हजार घनमीटर की अनुमति लेकर 21 हजार घनमीटर मिट्टी के खनन की बात सामने आई है। ऐसे में तीन लाख से अधिक के जुर्माने की तैयारी है।
जहानाबाद क्षेत्र में बरेली सितारगंज हाईवे के निर्माण की आड़ में कार्यदायी संस्था से जुड़े लोग अवैध खनन का खेल करने में जुटे थे। दो दिन पूर्व एक स्थान पर खेत को खोदकर तालाब में तब्दील करने की वीडियो वायरल हुई। मामला सुर्खियों में आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया।
डीएम संजय कुमार सिंह के निर्देश पर एडीएम न्यायिक अजीत परेश हकीकत परखने मौके पर पहुंचे। एडीएम न्यायिक ने बताया कि चार हजार घन मीटर अनुमति की ली गई थी, जांच में करीब 21 हजार घन मीटर खनन होने की बात सामने आई। ऐसे में हाईवे निर्माण में जुटी आरसीएल संस्था से जुर्माना वसूल किया जाएगा। करीब तीन लाख से अधिक का जुर्माना लगाने की तैयारी है।
कलीनगर के डगा में भी अवैध खनन पर कार्रवाई तय
जहानाबाद के बाद कलीनगर के डगा गांव के पास भी कॉलोनी को पाटने के लिए बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है। अनुमति की आड़ में रात के समय खनन को अंजाम दिया जा रहा है। मामला अफसरों के संज्ञान में पहुंचा तो खनन बंद कर दिया गया। एडीएम न्यायिक ने बताया कि जहानाबाद के अलावा अन्य दो स्थानों पर भी कार्रवाई की जा रही है।