पहाड़ों पर हुई बारिश के साथ ही शारदा का जलस्तर सोमवार को बढ़ने लगा है। इसके चलते उफनाई शारदा का पानी डैम के सामने रमनगरा व रमनगरा बुझिया क्षेत्र में नदी का पानी योजना स्थल पर भरने लगा है लेकिन अभी भू-कटान की स्थिति नहीं है। एसडीएम पुष्पा देवरार ने बाढ़ खंड के सहायक अभियंता ध्रुव नारायण शुक्ल के साथ क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया।
पहाड़ों पर हो रही वर्षा के साथ शारदा के जलस्तर में सोमवार सुबह से ही बढ़ोतरी होती जा रही है। शारदा डैम के सामने रमनगरा क्षेत्र में पत्थर की ठोकरों को बचाने के लिए जो बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए गए थे उससे मिलकर बाढ़ का पानी चल रहा है। नदी की मुख्य धार का करंट स्पर संख्या पांच और छह की ओर ही है, लेकिन यहां पर बाढ़ खंड में पहली बार स्पर को बचाने के लिए जियो ट्यूब दाहिने किनारे पर लगा दिए गए हैं, जिसके चलते भू-कटान की स्थिति अभी नहीं है, लेकिन छह नंबर स्पर के डाउनस्ट्रीम में पानी लूप बनाकर घूम रहा है। इसके अलावा नगरिया खुर्द कला क्षेत्र में भी जहां शारदा नदी पर किसानों ने पालेज की खेती की थी वह पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया है। इससे पालेज की फसल नष्ट हो गई है। इसके अलावा रमनगरा भुजिया में जहां नदी के दाहिने किनारे पर कटर बनाए जाने थे वहां ठेकेदार ने प्लेटफार्म तो लगभग तैयार कर लिया था लेकिन सोमवार सुबह बारिश से काम बंद हो गया और अब जलभराव होने के चलते योजना स्थल पर पानी भर गया है और रमनगरा बुझिया नदी के दाहिने किनारे पर कटान की स्थिति पैदा हो गई है। फिलहाल अभी शारदा में बाढ़ जैसी स्थिति तो नहीं है लेकिन पिछले दिनों की अपेक्षा पहली बार नदी का जलस्तर इस सीजन में बढ़ा है। रमनगरा क्षेत्र में सिंचाई विभाग ने जो डायवर्जन करवाया था नदी का पानी वहां तक पहुंच गया है क्योंकि नदी की धार दाहिने किनारे पर ही है। उम्मीद जताई जा रही है कि यही स्थिति रही तो कुछ इलाकों में कटान का खतरा भी बढ़ सकता है।
सोमवार शाम कलीनगर एसडीएम पुष्पा देवरार ने बाढ़ खंड के सहायक अभियंता ध्रुव नारायण शुक्ला और राजस्वकर्मियों के साथ रमनगरा बुझिया क्षेत्र में पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। जहां नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ पाया। कटान से बचाव कार्य देर से शुरू किए जाने पर बाढ़ खंड के अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने को कहा। सहायक अभियंता ने बताया कि बारिश के कारण मरम्मत कार्य प्रभावित हुआ है। जलस्तर घटने पर कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने ग्राम प्रधान से कहा कि वह 10 ग्रामीणों की कमेटी बनाएं और तीन-तीन लोगों को रोज यहां कार्यस्थल पर भेजें ताकि कार्य की गुणवत्ता पर कोई सवाल न उठा सके। इस मौके पर ग्राम प्रधान प्रशांत साना, राजस्व कानूनगो बृजेंद्र राणा सहित क्षेत्र के कई लोग मौजूद रहे।