फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गन्ना भुगतान को चीनी बिक्री का कोटा निर्धारित

विज्ञापन
विज्ञापन
गन्ना भुगतान को चीनी बिक्री का कोटा निर्धारित
विज्ञापन

किसानों को राहत देने को शासन ने उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। बकाया गन्ना भुगतान के लिए शासन ने अब चीनी मिलों पर शिकंजा कसा है। इसके लिए जिले की चारों मिलों की चीनी को टैग कर उसकी बिक्री का कोटा निर्धारित किया है। चीनी बिक्री से प्राप्त कुल धनराशि में से 85 प्रतिशत भुुगतान किसानों को किया जाएगा। वहीं, पूरनपुर सहकारी चीनी मिल ने सोमवार को 1.20 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में भेजा है।
चीनी मिलों का पेराई सत्र समाप्त हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक किसी भी मिल ने शत प्रतिशत भुगतान नहीं किया है। जिले की चारों मिलों पर गन्ना किसानों का लगभग 475 करोड़ रुपया बकाया है। इस पर अब केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन डिपार्टमेंट ने भुगतान न करने वाली सभी मिलों की चीनी को टैग कर उसकी बिक्री की धनराशि से भुगतान कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी मिलों का प्रति माह का कोटा निर्धारित किया है। मिलों के बकाया भुगतान के अनुसार कोटा निर्धारित कर यह आदेश किया गया है कि इस चीनी की बिक्री से प्राप्त कुल धनराशि का 85 प्रतिशत भाग से किसानों को गन्ना भुगतान किया जाएगा। मिलों से होने वाली चीनी बिक्री की धनराशि मिल प्रबंधन खर्च न कर ले इसके लिए अलग से एकाउंट खोला गया है जिसमें मिल प्रबंधन के साथ डीसीओ के भी संयुक्त हस्ताक्षर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

00
पूरनपुर ने किया 1.20 करोड़ का भुगतान
जिले की प्राइवेट मिलों के साथ सहकारी मिलों से भी भुगतान नहीं हो पा रहा था। अब पूरनपुर मिल ने चीनी बिक्री से 1.20 करोड़ का भुगतान किसानों के खातों में भेजा है। मिल पर अब तक 48.14 करोड़ रुपया बकाया था जो अब घटकर 46.98 करोड़ रह गया है।
000
मिलों पर बकाया एवं निर्धारित चीनी कोटा
मिल बकाया (करोड़) कोटा (एमटी)
पीलीभीत 190.17 8877.10
बरखेड़ा 168.16 3947.10
बीसलपुर 69.24 1522.30
पूरनपुर 46.98 3098.00
कुल योग 474.55 17444.40
0000
चीनी मिलों से भुगतान के लिए केंद्र सरकार ने चीनी बिक्री का कोटा निर्धारित किया है। चीनी बिक्री से प्राप्त धनराशि से बकाया भुगतान कराया जाएगा।
- जितेंद्र कुमार मिश्र, डीसीओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें