पीलीभीत। चालक व परिचालकों की कमी से पीलीभीत डिपो की 15 से 20 बसें खड़ी रहती हैं। इससे डिपो को रोजाना छह से सात लाख रुपये राजस्व की क्षति हो रही है तो वहीं स्थानीय यात्रियों को भी परेशानी हो रही है।
स्थानीय डिपो से 104 बसों का संचालन लखनऊ, दिल्ली, हरिद्वार, रुद्रपुर, कानपुर सहित अन्य लंबी दूरी के मार्गों पर किया जा रहा है। स्थानीय मार्गों पर भी बसें संचालित होती हैं। मौजूदा समय में चालक व परिचालकों की कमी से रोजाना करीब 20 बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है। इससे डिपो को रोजाना छह से सात लाख रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है।
लंबी दूरी पर सवारियां अधिक होने के कारण डिपो से इन मार्गाें पर तो बसों का संचालन नियमित किया जा रहा है, लेकिन स्थानीय मार्गाें पर बसों का संचालन नाममात्र को ही हो पा रहा है। ऐसे में स्थानीय यात्री भटकने को मजबूर हैं। संविदा व आउटसोर्स पर लगे चालक-परिचालक की अनुपस्थित भी डिपो और यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा रहा है।
चालकों की कमी पूरी करने की हर माह होती तैयारी
चालकों की कमी को पूरा करने के लिए हर माह आवेदन लिए जाते हैं। नौकरी भी दी जाती है। बावजूद इसके कुछ समय बाद यह लोग गैरहाजिर रहने लगते हैं। विभागीय कर्मचारियों की मानें तो महज रोडवेज का पास लेने के लिए लोग कुछ महज नौकरी में आते हैं। इसके बाद निजी व्यापार या फिर अन्य काम में लग जाते हैं। कई तो ऐसे भी हैं जो पास के आधार पर रोडवेज बस संचालन का अनुभव दिखाकर निजी वाहनों पर ऊंची तनख्वाह पा रहे हैं।
यह है चालक-परिचालक की स्थिति
विभाग के पास मौजूदा समय में संविदा चालक 134 व परिचालक 150 है, जबकि नियमित चालक 22 और परिचालक पांच हैं। इसमें भी कुछ नियमित चालक व परिचालक विभागीय कार्य के चलते साहब की चाकरी में लगे रहते हैं, या फिर विभागीय किसी अन्य पटल पर कार्यरत हैं।
चालक-परिचालकों की विभाग के पास कमी है। इसको पूरा करने की प्रक्रिया चल रही है। जो लोग लंबे समय से अनुपस्थित हैं, उन्हें नोटिस दिया गया है। जल्द ही समस्या का समाधान करा लिया जाएगा। - पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम
संविदा चालकों की भर्ती के लिए रोजगार मेला आज
बरेली। रोडवेज में संविदा पर 200 चालकों की भर्ती के लिए सोमवार सुबह 10 बजे से सेटेलाइट बस अड्डे के पास क्षेत्रीय कार्यशाला में रोजगार मेला लगेगा। यहां बरेली, रुहेलखंड, बदायूं और पीलीभीत डिपो के लिए संविदा चालकों की भर्ती की जाएगी। रविवार को अधिकारी रोजगार मेला की तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे रहे।
संविदा चालकों को रोडवेज 1.89 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान करेगा। प्रतिमाह 22 दिन ड्यूटी और 5000 किमी बस चलाने पर संविदा चालक को तीन हजार रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इसके अलावा संविदा चालकों पीएफ, यात्रा पास, रात्रि भत्ता और 7.5 लाख का दुर्घटना बीमा का लाभ भी मिलेगा। संविदा चालक के लिए योग्यता आठवीं पास निर्धारित की गई है। उसकी लंबाई पांच फुट तीन इंच से कम नहीं होनी चाहिए। उसके पास कम से कम दो साल पुराना ड्राइविंग लाइसेंस हो और आयु 23 साल छह माह से लेकर 45 साल के बीच हो। आरएम दीपक चौधरी ने बताया कि रोजगार मेला में मौके पर ही पात्र व्यक्तियों का संविदा चालक पद पर चयन किया जाएगा। संवाद