पूर्व मंत्री हेमराज समेत 26 नामजद
सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी की जांच आख्या के आधार पर हुई कार्रवाई
प्रशासन द्वारा बापू छात्रावास में डाले गए ताले तुड़वाने का मामला
अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष तक पहुंचा छात्रावास प्रकरण
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। कथित तौर पर भू-माफिया के इशारे पर प्रशासन द्वारा बापू छात्रावास को जर्जर बता उसमें रह रहे छात्रों से खाली कराने की कोशिश करने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा कार्रवाई के दौरान छात्रावास के कमरों में डाले गए ताले को 19 अक्तूबर को पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने वहां पहुंचकर छात्रों से तुड़वा दिया था। इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट की आख्या के आधार पर पुलिस ने पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा और छात्रावास में रहने वाले छात्रों समेत 26 लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई धाराओं में दर्ज कर लिया गया है। उधर, भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अशोक राजा ने पार्टी के अनुसूचित मोर्चा की आगरा में 21 अक्तूबर को हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में इस मामले को पुरजोर ढंग से उठाने के साथ अनुसूचित जाति, जनजाति आयोग के अध्यक्ष बृजलाल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
शहर के गैस चौराहा स्थित बापू छात्रावास को जर्जर बताते हुए शासन के निर्देश पर खाली कराने की कोशिश की गई थी। जिसके बाद से प्रशासन की कार्रवाई का विरोध जारी है। इसको लेकर गरमाई राजनीति के चलते सपा, बसपा, कांग्रेस और भाजपा कई राजनीतिक दलों के नेता मौके पर पहुंच छात्रों के साथ खड़े होने का दावा कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से छात्रावास के कमरों में डलवाए गए तालों को 19 अक्तूबर की दोपहर पहुंचे सपा नेता और पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने यह कहते हुए तुड़वा दिया था कि छात्रावास में ताले डालने की कार्रवाई किसी न्यायालय के आदेश पर नहीं की गई है। प्रशासन ने भू-माफिया के इशारे पर यह कार्य किया है, इसलिए छात्रावास में ताला डालने का कोई औचित्य नहीं है। इसके बाद से उन पर कानूनी कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। डीएम के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट अर्चना द्विवेदी, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने मामले की जांच की। इसमें पाया गया कि पूर्व मंत्री द्वारा ताले तुड़वाए जाने के कुछ देर बाद ही छात्रों ने दूसरे ताले कमरों में डाल दिए थे, लेकिन प्रशासन की ओर से लगाए गए ताले तोड़े जाने की पुष्टि हुई। जांच पूरी करने के बाद अब जिला प्रशासन ने पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा समेत 26 नामजद व अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की है।
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ये किए गए नामजद
मुकदमे में पूर्व मंत्री के हेमराज वर्मा के अलावा बलरामदेव, अमित कुमार, महेश गौतम, अनुज कुमार, नरेंद्र कुमार, सचिन कुमार, अमन कुमार, देवेश कुमार, जितेंद्र गौतम, अनुराग पासवान, विकास गौतम, अवधेश कुमार, अशोक कुमार, बौद्घ विवेक, वीरेंद्र कुमार, अनुरूद्घ , रवि कुमार, मोहित कुमार, गौतम कुमार, ध्रुव सिंह, सतीश कुमार, सुखशांत, राजेंद्र कुमार, नागेंद्र सिंह, नंद किशोर को नामजद किया गया है।
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सिटी मजिस्ट्रेट डा. अर्चना द्विवेदी की ओर से सुनगढ़ी थाने में पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा समेत 26 नामजद के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, 2/3 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बालेंदु भूषण सिंह, एसपी
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दोषी छात्रों पर ही होगी कार्रवाई
मेरी और सीओ सिटी की संयुक्त जांच के दौरान पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा के अलावा छात्रावास में कथित अवैध तरीके से रह रहे छात्रों व कुछ अन्य लोगों के जो नाम प्रकाश में आए थे उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। इस मुकदमे में नामजद उन्हीं लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिनके खिलाफ पुख्ता सबूत होंगे। सिर्फ नामजदगी के आधार पर किसी भी छात्र पर कोई कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी।
अर्चना द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट