अमर उजाला की ओर से महिला सशक्तीकरण को लेकर चलाए जा रहे अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्र के ईशर अकादमी सीनियर सेकेंड्री स्कूल सकरिया में हुआ। इसमें महिलाओं और युवतियों को मिले संवैधानिक अधिकारों की जहां मौजूद छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी गई, वहीं उन्हें इन अधिकारी को पाने के लिए दी गई व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया गया। सरकार की ओर से महिला सशक्तीकरण को लेकर चलाई जा रही योजनाओं से भी उन्हें अवगत कराया गया। मुख्य अतिथि एसपी बालेंदु भूषण सिंह ने महिलाओं के शिक्षित होने और अपने अधिकार को लेकर जागरूक होने का आह्वान किया।
पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह ने अपराजिता के माध्यम से देश में महिलाओं को सम्मान और उनका अधिकार दिलाने के लिए चलाई जा रही मुहिम की खुले कंठ से सराहाना की। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब पुरुषों सेे पीछे नहीं हैं। उनको बराबर का हक है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं आरक्षण दिया है। कई विभागों में अब महिलाओं की संख्या खासी है, लेकिन अफसोस इस बात का भी है कि 70 साल बाद अब भी महिला सशक्तीकरण, उत्थान की बात करनी पड़ रही है। कानून बना दिया। पालन नहीं हो पा रहा है। जागरूकता और शिक्षा की कमी को लेकर युवतियां दहेज आदि के मामलों का विरोध नहीं कर पा रही हैं। इसके लिए बालिकाओं को शिक्षित होने के साथ सशक्त बन कर आगे आने होगा। वो दिन दूर नहीं है, जब लड़कियां लड़कों से आगे होंगी। जागरूक और शिक्षित होने पर अधिकारों के लिए आसानी से लड़ा जा सकता है। उन्होंने महिलाओं के चार रूप, मां, बहन, बेटी, पत्नी की विस्तार से जानकारी दी और कहा कि महिलाओं को जागरूक होने का मौका मिला है।
एंटी रोमियो प्रभारी परमजीत कौर ने कहा कि महिला पर दो परिवारों को संभालने की जिम्मेदारी होती है। शिक्षित होने के साथ अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है। आसपास की नारियों को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सामाजिक जागरूकता को लेकर अमर उजाला की सदैव अच्छी पहल रहती है। महिलाओं को जागरूक करने की इस पहल की जितनी तारीफ की जाए कम होगी। उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर 1090 और 181 की विस्तार से जानकारी दी। वरिष्ठ रिसोर्स पर्सन लक्ष्मीकांत शर्मा ने महिला सशक्तीकरण की जानकारी दी और कहा कि अधिकारों के लिए महिलाओं को आगे आने की जरूरत है। ईशर अकादमी के प्रशासक हरप्रीत सिंह और प्रधानाचार्य गुरदीप सिंह ने आभार व्यक्त किया।
अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के माध्यम से महिला अधिकारों की तो जानकारी मिली ही है, साथ ही यह भी सीखने को मिला है कि संकट की घड़ी में कैसे पुलिस की की सहायता ली जाए। ये कार्यक्रम आगे के लिए काफी मुफीद साबित होगा।
किरन कुमारी
अपराजिता कार्यक्रम के तहत यह भी पता चला कि छात्राओं के स्कूल आते जाते समय उनके साथ कोई हरकत न कर सके इसके लिए एंटी रोमियो टीम बनी है। मुख्य अतिथि ने भी महिलाओं को मिले संवैधानिक अधिकारों को विस्तार से बताया। पुलिस से कैसे सहायता प्राप्त करें इसकी भी जानकारी मिली।
रूपेंद्र कौर
अपराजिता कार्यक्रम के तहत शोहदों से कैसे अपनी सुरक्षा छात्राएं करें इसके जो टिप्स बताए गए इससे सभी छात्राओं को लाभ मिलेगा। साथ ही यह संदेश भी इस कार्यक्रम से मिला कि लड़कियों को जुल्म ज्यादती से डरने की जरूरत नहीं बल्कि डट कर उसका मुकाबला करने की जरूरत है।
नवदीप कौर