माधोटांडा(पीलीभीत)। शारदा नदी ने चालू मौसम से अब तक इस बार रमनगरा व गुन्हान क्षेत्र में बाएं किनारे की ओर 200 एकड़ से अधिक किसानों की कृषि भूमि का सफाया कर दिया। यह भूमि पहले भी शारदा ने काटी थी, लेकिन बाद में छोड़ दी गई और उस पर अब किसान दोबारा खेती कर रहे थे। उधर मझारा क्षेत्र के किसानों ने क्षेत्रीय विधायक से मिलकर काटी जा रही भूमि का मुआवजा दिलाने व ठोकरे बनवाने की मांग की है।
शारदा नदी जिले में अमूमन हर साल की कहर बरपाती है। वर्ष 1989 में शारदा नदी ने बाएं किनारे की ओर भूकटान कर सैकड़ों एकड़ भूमि व आबादी का क्षेत्र का सफाया कर दिया था, लेकिन कुछ समय बाद उस भूमि को छोड़ दिया। जिस पर किसान दोबारा खेती करने लगे। इस बार नदी ने शारदा डैम के सामने दाएं किनारे पर कटान करते हुए रमनगरा व गुन्हान क्षेत्र में ऐसी 200 एकड़ भूमि को पुन: काट लिया, जिस पर किसान खेती कर रहे थे। इसमें किसानों के भूमिधरी प्लाट व पट्टे की भूमि शामिल है। किसान विपुल चौधरी, चानूू चौधरी, विष्णु मंडल, मंगल सील, मिथिलेश पांडे, सूरज चौधरी व प्रधान प्रशांत साना ने बताया कि नदी बाएं किनारे पर काफी तेज गति से कटान कर रही है। अब तक 200 एकड़ से अधिक भूमि कट चुकी है। ग्राम प्रधान ने बताया कि नदी रमनगरा बुझिया में भी दाएं किनारे पर और टाइगर रिजर्व के जंगल सहित किसानों की कृषि भूमि काट रही है। यहां पर नेपाल की वमनी नदी का पानी शारदा में मिलकर दाएं किनारे पर किसानो की भूमि का कटान कर रहा है। इधर मझारा क्षेत्र में भी कृषि फसलों का कटान जारी है। इस पर वीरखेड़ा खजुरिया के किसान विधायक बाबूराम पासवान से मिले और नदी द्वारा काटी जा रही भूमि का मुआवजा दिलाने व ठोकरें बनवाने की मांग की। विधायक ने ग्रामीणों को मौके पर पहुंचकर हुए नुकसान को देखने का आश्वासन दिया।