पीलीभीत। विकास कार्यों को भेजी गई शासकीय धनराशि में गड़बड़ी, निलंबन अवधि के दौरान मानमाने तरीके से चेक काटने, अपात्रों को आवास आवंटित करने, अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने समेत कई गंभीर आरोपों में घिरे सचिव राजवंदन मिश्रा पर शिकंजा कसते ही सचिव को बचाने में लगे पंचायत राज विभाग के अफसर बैकफुट पर आ गए। सीडीओ रमेश चंद्र पांडेय के निर्देश पर रिटायरमेंट से चंद दिन पहले सचिव को निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ एफआईआर भी होगी। सचिव का रिटायरमेंट 31 जुलाई को होना है।
पूरनपुर की ग्राम पंचायत शिवनगर में तैनात रहे सचिव राजवंदन मिश्रा पहले भी निलंबित रह चुके हैं। अभी कुछ माह पहले ही वह बहाल हुए हैं। उन पर आरोप था कि निलंबन अवधि के दौरान लाखों का भुगतान चेक के माध्यम से अपने करीबी को कर दिया। जांच में यह मामला सही निकला। इसके अलावा अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास देने के मामले में भी उनसे रिकवरी के आदेश हुए थे। कई अन्य ब्लॉकों में तैनाती के दौरान भी सचिव पर प्रधान की मिलीभगत से विकास कार्यों के लिए भेजी गई धनराशि का दुरुपयोग करने समेत कई गंभीर आरोप लगे। इनमें कई मामलों की जांच चल रही है। गड़बड़ी के मामले में सचिव को पूर्व में भी दो से तीन बार निलंबित किया जा चुका था। अफसरों की ओर से सचिव को सख्त हिदायत दी गई। इसके बाद भी उसकी मनमानी जारी रही। शिवनगर ग्राम पंचायत में गड़बड़ी से संबंधित मामले में सचिव को पिछले दिनों नोटिस जारी कर अभिलेख प्रस्तुत देने के निर्देश दिए गए। इसके बाद भी सचिव अफसरों के आदेशों की अवहेलना करता रहा। इधर, लगातार मिल रही शिकायतों पर सीडीओ रमेश चंद्र पांडेय ने इस मामले में सख्ती दिखाई। गुरुवार को सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने सचिव को निलंबित कर दिया। आरोपी सचिव के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विकास कार्यों में गड़बड़ी से संबंधित मामला प्रकाश में आने पर सचिव से अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया, लेकिन तय समय बाद भी अभिलेख नहीं दिए गए। जिसके चलते निलंबन की कार्रवाई की गई है। सचिव पर एफआईआर कराने के निर्देश भी दिए गए है। गड़बड़ी करने वाले प्रधान हो या सचिव सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-रमेश चंद्र पांडेय, सीडीओ