गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) में टैक्स चोरी करने या छह महीने से टैक्स जमा नहीं करने या रिर्टन फाइल करने में लापरवाही बरतने वाले व्यापारियों पर सख्ती दिखाते हुए उनका रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर अरुण पांडेय ने बताया कि विभाग की ओर से रिटर्न नहीं दाखिल करने वाले व्यापारी चिह्नित किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि अगर व्यापारी ने किसी महीने का रिटर्न फाइल नहीं किया हैं तो वह उसे अगले महीने भर सकता है, लेकिन इससे पहले के टैक्स का भुगतान करना होगा। इस बीच लापरवाही बरतते हुए अगर व्यापारी छह महीने तक रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो नोटिस भेजने के साथ विभाग की तरफ से उनका जीएसटी में रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाता है।
पांच साल तक जेल और जुर्माना का प्रावधान
जीएसटी में जानबूझकर टैक्स चोरी गैर जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इसके तहत दो करोड़ रुपये तक की टैक्स चोरी पर एक साल और दो से पांच करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पर दो साल की जेल का प्रावधान है। कार्रवाई का अधिकार मजिस्ट्रेट को दिया गया है। इसके तहत यदि टैक्स चोरी करने वाले जुर्माने की रकम अदा नहीं करते हैं तो उनकी चल-अचल संपत्ति जब्त की जा सकती है।