पीलीभीत। नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) के तत्वावधान में डॉक्टरों ने मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन में मिश्रित चिकित्सा प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने की मांग की गई।
नीमा से जुड़े कई डॉक्टर शुक्रवार अपराह्न शहर के नकटाना चौराहा पर एकत्र हुए। यहां से सभी डॉक्टर बाइकों पर सवार होकर जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे। एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. डीएन शर्मा के नेतृत्व में डॉक्टरों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम शीतल वर्मा को सौंपा। कहा कि देश भर में करीब 7.87 लाख आयुष चिकित्सकों द्वारा ही केंद्र व प्रदेश स्तर के राष्ट्रीय कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। देश व प्रदेश में कार्यरत इंटीग्रेटेड विधा के चिकित्सक ही पल्स पोलियो, डॉट्स, टीकाकरण, नवजात शिशुओं का टीकाकरण आदि को लेकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 90 प्रतिशत जनता को इंटीग्रेटेड डॉक्टर ही स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रहे हैं।
कहा कि मिश्रित चिकित्सा शिक्षा पद्धति से उपाधि प्राप्त डॉक्टरों की योग्यता को सर्वोच्च न्यायालय भी स्वीकार कर चुका है। ज्ञापन में मिश्रित चिकित्सा प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान करने, आयुष डॉक्टरों के प्रतिनिधि को नीति निर्धारण समिति में शामिल करने, एनसीआईएसएम बिल में जरूरी परिवर्तन करने या आईएमसीसी अधिनियम 1970 को बनाए रखने, आयुर्वेदिक व यूनानी दवाओं पर लगाए गए 18 प्रतिशत जीएसटी रेट को घटाकर पांच प्रतिशत करने आदि की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में सचिव डॉ. मोहम्मद अफसर, डॉ. कुलदीप पांडेय, डॉ. अमित आनंद, डॉ. मनोज साना, डॉ. संजीव जौहरी, डॉ. मोहित गुप्ता आदि रहे।
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