जिलें में गन्ना फसल का रकबा बढ़ने के साथ फसल भी पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। वहीं मौसम में बदलाव के साथ ही जंगल से दूर घूम रहे बाघ की सक्रियता भी बढ़ने लगी है, लेकिन वन महकमे की ओर अब तक सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए हैं। ऐसे में बाघ की दहशत के चलते मजदूर भी गन्ना छिलाई करने को तैयार नहीं हो रहे हैं। जिसके चलते मजदूरी दर में दोगुना इजाफा हो गया है।
टाइगर रिजर्व से बाहर आबादी क्षेत्र में घूम रहे बाघों की दहशत एक बार फिर किसानों के लिए मुसीबत बन रही है। गत वर्षों में जिले भर के 26 किसान अब तक बाघ का निवाला बन चुके हैं। इधर ठंड की शुरुआत के साथ चारों ओर बाघ के साथ तेंदुए की सक्रियता बढ़ गई है। वहीं जंगल सीमा से सटे क्षेत्र से लेकर आबादी तक खड़ी किसानों की गन्ना फसल भी तैयार हो चुकी है। जिसके चलते किसान खेत की ओर निकलने पर मजबूर हो रहे है। बाघ की रोकथाम को लेकर वन महकमे की ओर से मात्र जागरूक करने की कार्रवाई की जा रही है। सीजन शुरू होने के चलते किसानों ने बाघ की दहशत के बीच छिलाई करना शुरु दिया है।
दहशत के चलते नहीं मिल रहे मजदूर
आबादी क्षेत्र के निकट घूम रहे बाघों की दहशत के चलते गन्ना किसानों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसानों को छिलाई कार्य के लिए मजदूर नहीं मिल रहे है। खास बात यह कि बाघ की दहशत के चलते मजदूरी रेट दोगुना हो गया है। 15 से 20 रुपयेे प्रति क्विंटल छिलाई की दर बढ़कर 35 से 40 रुपये प्रति क्विटंल कर दी गई है। वहीं बाघ की दहशत के चलते मजदूर देर सुबह कार्य शुरू कर शाम होने से पहले ही घर की ओर निकल रहे हैं। जबकि पहले मजदूर देर रात तक खेत पर जुटे रहते थे।
तार फेंसिंग का कोई असर नहीं
बाघ समेत अन्य वन्यजीवों की रोकथाम के लिए विभाग द्वारा जंगल सीमा पर सोलर तार फेंसिंग कराई गई थी। दुर्भाग्य यह रहा कि कराई गई तारफेंसिंग की स्थिति सालभर में ही जर्जर हो गई। इसको दुरुस्त करने के लिए लंबा समय बीतने के बाद विभाग को बजट मंजूर नहीं हो सका।
यहां कायम है बाघ की दहशत
अमरिया तहसील क्षेत्र में 20 किलोमीटर के दायरे में गजरौला फार्म, पैरी फार्म, शुक्ला फार्म, बरा मझलिया, हिमकरनपुर समेत एक दर्जन इलाको में बाघ की चहलकदमी जारी है। वहीं गजरौला क्षेत्र के अजीतपुर पटपरा, महुआ, नंगफन, वैवाह फार्म, गजरौला कला समेत क्षेत्र में बाघ की दहशत कायम है।
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डर के बीच छिलाई शुरु वर्जन
जंगल से बाहर निकलकर बाघ खेतों की ओर आ रहे हैं। जिससे फसलें प्रभावित हो रही हैं। गन्ना का सीजन शुरु हो रहा है। मजदूरों को संपर्क करने पर वह छिलाई करने को तैयार नहीं हो रहे है। मजदूरी रेट में दोगुना बढ़ोतरी के बाद मजदूर दहशत के बीच कार्य शुरू कर रहे हैं। राम विलास, गन्ना किसान, गजरौला कला सहराई
जंगल से बाहर घूम रहे बाघ की चहलकदमी को देखते हुए स्थाई टीम को नियमित रूप से अर्लट किया गया है। डब्ल्यूटीआई व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम भी लगातार सहयोग कर रही है। चहलकदमी को देखते हुए लगातार ग्रामीणों से संपर्क कर जागरूक किया जा रहा है। इसमें ग्रामीण भी पूरा सहयोग कर रहे हैं।
संजीव सिंह, निदेशक, सामाजिक वानिकी