फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मासूम की मौत के बाद मां और पिता आमने-सामने

विज्ञापन
विज्ञापन
31 पीबीटीपी 4,5
विज्ञापन


मासूम की मौत के बाद मां और पिता आमने-सामने
शिकायत पर कार्रवाई के बजाय मां से अभद्रता करती रही पुलिस
पिता भी पोस्टमार्टम के दौरान रहा मौजूद, खुद को बताया बेकसूर
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। बंजरिया जमुनिया गांव के डेढ़ साल के मासूम भगवत सरन की मौत के बाद जहां एक तरफ हत्या का शोर मचा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ शादी के 15 साल बाद बच्चे के मां और पिता आमने-सामने आ गए हैं। यही नहीं संगीन मामले में गजरौला पुलिस की लापरवाही भी उजागर हो गई है। बेटे की मौत के बाद मां से मिली शिकायत पर जांच कर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने मां को ही गलत ठहराकर भगा दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर चीखकर मां पुलिस और पिता की करतूत को उजागर करती रही। वहीं पिता खुद के बेकसूर होने की दुहाई देते हुए अलग कहानी बताता रहा।
विज्ञापन

क्योलड़िया (बरेली ) के परौरिया गांव की रहने वाली ममता देवी की शादी 15 साल पहले गजरौला थाना क्षेत्र के बंजरिया जमुनिया गांव निवासी छेदालाल से हुई थी। उसे चार बच्चे सुमन, वेदकुमारी, मनोज कुमार और डेढ़ वर्षीय भगवत सरन हुए। महिला का आरोप है कि बच्चों की परवरिश करने की जिम्मेदारी उठाने के बजाय पति वर्षों से इसी तरह मारपीट करता रहता था। रक्षाबंधन की रात 26 अगस्त को आरोप लगाया कि छेदालाल ने मासूम भगवत सरन का पेट जान से मारने की नीयत से जोर-जोर से दबाया। इसी में उसकी हालत बिगड़ गई। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर वह पहुंची तो मासूम का शरीर ढीला पड़ चुका था। उसको दस्त भी आना शुरू हो गए थे। इलाज के लिए पीलीभीत लाकर दिखाया गया लेकिन वह मर चुका था। गजरौला पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन पुलिस ने बुराभला कहकर उसी को थाने से भगा दिया। काफी अपशब्द भी कहे। इसके बाद उसके पति व अन्य रिश्तेदारों ने जबरन शव को दफन करा दिया। इधर, संगीन आरोप लगाए जाने पर पति छेदालाल ने भी अपनी सफाई पेश की। उसने बताया कि रक्षाबंधन की रात उसके बेटे को बुखार और दस्त की शिकायत हो गई थी। इस पर उसने पहले गजरौला के ही चिकित्सकों को दिखाया। बाद में गांधी स्टेडियम रोड पर दो निजी चिकित्सकों के यहां ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। पति ने खुद को बेकसूर बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें