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108 करोड़ की देनदारी चीनी मिलों ने अब तक नहीं चुकाई

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पीलीभीत। सरकार की तमाम सख्ती के बाद भी जनपद की तीन चीनी मिलें अब तक पिछले सत्र का ही गन्ना भुगतान नहीं दे सकी हैं। इन तीन मिलों पर अब भी 108.14 करोड़ रुपये की देनदारी है। यह स्थिति तब है जब चीनी मिल नए पेराई सत्र में 75 लाख क्विंटल से अधिक गन्ने की पेराई कर चुकी हैं। बकाया भुगतान को लेकर किसान अब भी भटक रहे हैं।
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प्रदेश में खाद्यान्न क्षेत्र में अग्रणी जनपद में गन्ना मुख्य फसलों में से एक है। यहां के अधिकांश किसान गन्ने की एक बड़े रकबे में खेती करते हैं और अपनी कमाई का अधिकतम रुपया गन्ने की बुवाई में लगा देते हैं। करीब साल भर इंतजार के बाद गन्ने को चीनी मिल तक ले जाते हैं, मगर चीनी मिलें किसानों को गन्ना लेने की एवज में बकाया भुगतान करने में महीनों लगा देती हैं। लंबे समय से भुगतान न होने के चलते जनपद के अधिकांश किसान बदहाल है। जनपद में गन्ने के बकाया भुगतान का आलम यह है कि एलएच चीनी मिल को छोड़कर शेष तीन मिलों पर अब भी पिछले सत्र का 108.14 करोड़ का बकाया चल रहा है। इसमें सहकारी चीनी मिल बीसलपुर पर 23.95 करोड़, सहकारी चीनी मिल पूरनपुर पर 17.10 करोड़ और बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल बरखेड़ा पर 67.08 करोड़ रुपया किसानों का बकाया चल रहा है। आर्थिक मुश्किलें झेल रहे किसान पिछले सत्र के बकाया भुगतान को लेकर समितियों के चक्कर काटने को मजबूर है, मगर उन्हें रटा रटाया जवाब देकर टरकाया जा रहा है।
यहां बता दें कि जनपद की चारों चीनी मिलों में पिछले माह से नया पेराई सत्र शुरू हो चुका है। एलएच चीनी मिल सात नवंबर से पेराई सत्र शुरू कर अब तक 46 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। इसके अलावा सहकारी चीनी मिल बीसलपुर 23 नवंबर से पेराई शुरू कर पांच लाख क्विंटल, सहकारी चीनी मिल पूरनपुर चार लाख क्विंटल और बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल बरखेड़ा 10 नवंबर से पेराई शुरू कर 20 लाख क्विंटल से अधिक गन्ने की पेराई कर चुकी है।
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दो सहकारी चीनी मिलों की एक्सपोर्ट सब्सिडी की धनराशि रुकी हुई है। धनराशि मिलते ही किसानों को बकाया भुगतान दे दिया जाएगा। बरखेड़ा चीनी मिल ने हाल में करीब तीन करोड़ रुपये का भुगतान किया है। चीनी मिल को जल्द भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
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- जितेंद्र कुमार मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी
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