चुनाव नजदीक आते ही मेनका के खिलाफ पोस्टर वार
कई स्थानों पर चस्पा किया ‘वोट हमारा राज तुम्हारा, अब पीलीभीत में नहीं चलेगा’
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही एक बार फिर जिले की सांसद एवं केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की छवि खराब करने की कोशिश शुरू हो गई है। शहर के कई स्थानों पर दीवारों पर सांसद महोदया ‘वोट हमारा राज तुम्हारा, अब पीलीभीत में नहीं चलेगा’, नारा लिखा पोस्टर चस्पा किया गया है। मेनका गांधी के खास सिपहसलार इसे जहां अराजक तत्वों की साजिश करार दे रहे हैं, वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष इसे विपक्ष की चाल बता रहे हैं। सपा के पूर्व मंत्री ने इसे भाजपा के ही लोगों की साजिश करार दिया है।
पीलीभीत लोक सभा क्षेत्र से सबसे पहले जनता दल से 1989 में सांसद चुनीं गई थीं। इसके बाद 1996 में भी जनता दल के टिकट पर 1998, 1999 में निर्दलीय, 2004 में भाजपा, 2014 में भाजपा टिकट पर सांसद चुनी गईं। 2009 में मेनका गांधी ने अपने पुत्र वरुण गांधी को पीलीभीत सीट से भाजपा टिकट पर सांसद चुनवा लोकसभा भेजा। इस तरह 1989 से लेकर (1991 को छोड़) 2014 तक प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से मेनका गांधी का ही कब्जा रहा। अधिकांश चुनाव में विपक्षी जमानत तक नहीं बचा सके। मेनका गांधी ने 2019 लोकसभा चुनाव के लिए भी कमर कस ली है। यहां यह भी बता देना होगा कि पिछले दो तीन सालों से जिले में भाजपा संगठन व मेनका गांधी के बीच दूरियां भी रहीं। जिसको लेकर कई बार उनका टिकट कटने की चर्चाएं भी की जाती रहीं, लेकिन लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही वह अपने पसंद का जिलाध्यक्ष बनवाने में भी कामयाब हो गईं, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं से उनकी दूरी अभी भी बनी हुई है।
इधर मंगलवार रात में शहर की विभिन्न स्थानों की दीवारों पर एक पोस्टर चस्पा किया गया है। पोस्टर में दोनों हाथ जोड़े हुए किसी व्यक्ति का सिर्फ हाथ का फोटो है। पोस्टर पर नारा लिखा है- सांसद महोदया वोट हमारा राज तुम्हारा अब पीलीभीत में नहीं चलेगा। निवेदक के रूप में पोस्टर पर जागरुक मतदाता, पीलीभीत-बहेड़ी, 26 लोकसभा। लिखा है। हालांकि इस पोस्टर पर किसी प्रिंटिंग प्रेस का नाम अंकित नहीं है और न ही किसी का कोई नाम व फोन नंबर अंकित है, लेकिन इस पोस्टर के सियासी मायने लोग अपने हिसाब से निकालने लगे हैं। पोस्टर को लेकर चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है।
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भाजपा सांसद मेनका गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से विपक्षी घबरा गए हैं। शहर में लगाए गए यह पोस्टर भी विपक्षियों की ही साजिश हो सकती है। विपक्षी सोच रहे होंगे कि इसके जरिये वह मेनका गांधी की छवि खराब कर सकेंगे, लेकिन ऐसा कभी नहीं हो सकेगा।
राकेश गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा
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केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी जिले को अपनी कर्मभूमि और यहां के रहने वाले हर इंसान को अपने परिवार का सदस्य मानती हैं। लंबे समय से लाखों वोटों से हर लोकसभा चुनाव में उनकी होने वाली जीत भी जिले की जनता से उनके लगाव व जुड़ाव को दर्शाती है। कुछ अराजक तत्व मेनका गांधी की इस छवि को खराब करने की नाकाम कोशिश समय समय पर करते रहे हैं, लेकिन उन्हें न कभी इसमें कामयाबी मिली है न आगे मिलेगी।
एमआर मलिक, प्रवक्ता मेनका गांधी
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सपा कभी किसी विपक्षी दल के नेता के लिए चोरी छुपे पोस्टर चिपकाने का काम नहीं करती। हां, यह बात सही है कि जिले की जनता को मेनका गांधी से जितने उम्मीदें थीं उनमें से दस फीसदी भी पूरी नहीं हुई हैं। इसका हमलोग खुले मंच से विरोध भी करते हैं। जनता के बीच जाकर भी बताते हैं। हम लोगों को चोरी छुपे पोस्टर लगाने की जरूरत नहीं है। सुना है भाजपा के ही कुछ लोग लोकसभा का टिकट मांगने में जुटे हैं। पार्टी के जनप्रतिनिधियों के बीच एका न होने की भी चर्चाएं पूरे जिले में हैं। ऐसे में यह घृणित कार्य भाजपा के ही किसी असंतुष्ट नेता का हो सकता है।
हेमराज वर्मा, पूर्व मंत्री सपा
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इससे पहले भी हो चुके प्रयास, दर्ज हो चुकी रिपोर्ट
इसके चलते कई बार मेनका गांधी की छवि बिगाड़ने की कोशिश की गई। मार्च और मई माह में मेनका गांधी के प्रतिनिधि योगेंद्र सिंह गंगवार की ओर 13 मार्च 2018 को कोतवाली सदर में तथा 22 मई 2018 को भी कोतवाली सदर में दर्ज कराया गया। जिसमें आरोपियों को अज्ञात बताते हुए उन पर मेनका गांधी की छवि खराब करने के लिए वाट्सएप ग्रुप पर टिप्पणी करने और फलैक्सी लगाने का आरोप है। हालांकि अभी तक इसमें किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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सांसद महोदया के खिलाफ शहर विधान सभा क्षेत्र में कई स्थानों पर लगाए गए पोस्टर की मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं जिले से पिछले कई दिन से बाहर हूं। इसलिए मैं इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दूंगा।
संजय सिंह गंगवार, शहर विधायक