पूरनपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत रूदपुर में हुआ था विकास कार्य में घोटाला
जांच अधिकारियों से मिली पत्रावली पर डीएम ने किए आदेश, सभी की वसूली का हिस्सा भी किया तय
पीलीभीत। ग्राम पंचायत रूदपुर में विकास कार्यों के नाम पर किए गए घोटाले में जांच अधिकारी से मिली पत्रावली पर रिकवरी के आदेश कर दिए गए हैं। डीएम ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद पूर्व प्रधान, तकनीकी सहायक, रिटायर्ड और मौजूदा सचिव के हिस्से में आने वाली वसूली की रकम तय कर दी। साथ ही इसकी सख्ती से वसूली कराने के भी निर्देश दिए हैं।
पूरनपुर ब्लॉक क्षेत्र के रूदपुर गांव के कुछ ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की थी। इसमें ग्राम पंचायत में सरकारी धनराशि का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए भौतिक सत्यापन कराने की मांग की थी। डीसी मनरेगा और पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता से मामले की जांच कराई गई। अधिकारियों ने ग्राम पंचायत में दर्शाए गए कामों का भौतिक सत्यापन किया तो बड़ी गड़बड़ी निकली।
सूत्रों के मुताबिक, पक्का नाला निर्माण कराने में 38940 रुपये, मिट्टी कार्य के नाम पर 44804 रुपये, एक अन्य पक्का नाला निर्माण में 6140 रुपये, ह्यूम पाइप की खरीद के नाम पर 86376 रुपये समेत कुल 176260 रुपये का गबन निकला था। डीएम ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद गबन की गई रकम की वसूली के निर्देश दिए हैं। वसूली आदेश भी जारी कर दिया है। इसके अनुसार पूर्व प्रधान हरद्वारीलाल 73150 रुपये का बैंक ड्राफ्ट सीडीओ के पदनाम से बनाकर डीपीआरओ कार्यालय में देंगे। ग्राम पंचायत अधिकारी अखिलेश गुप्ता 29962 रुपये और रिटायर्ड ग्राम पंचायत अधिकारी अरविंद वर्मा से 43188 रुपये वसूली होगी। तकनीकी सहायक मनरेगा इंद्रजीत से 27914 और श्याम बिहारी से 2046 रुपये की वसूली होगी।
गबन की रकम की वसूली के लिए जिम्मेदारी तय कर दी गई है। इस वसूली में लापरवाही बरतने वाले के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। किस आरोपी को कितनी रकम चुकानी है यह भी तय कर दिया गया है। इसके बाद इस सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी कराई जाएगी।
- पुलकित खरे, डीएम