पटना में 27 अक्तूबर को नरेंद्र मोदी की रैली में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के फरार आरोपी मेहरार आलम को पनकी रेलवे स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस से पकड़े जाने की खबर है। मेहरार मुजफ्फरपुर से एनआईए की हिरासत से भागा था। माना जा रहा है एनआईए टीम उसे पटना ले गई।
एनआईए अफसरों ने बृहस्पतिवार शाम मुजफ्फरपुर में उसके भागने की रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन उसके दोबारा पकड़े जाने का खुलासा नहीं किया है।
पटना सीरियल बम ब्लास्ट के शक में एनआईए टीम ने दरभंगा (बिहार) में रहने वाले मेहरार आलम को पकड़ा था। सूत्रों के अनुसार टीम उसे लेकर दरभंगा से मुजफ्फरपुर गई थी। वहां होटल सिद्धार्थ में बिहार पुलिस की अभिरक्षा में रखकर एनआईए टीम किसी अन्य टारगेट पर लग गई।
बुधवार सुबह मेहरार टॉयलेट जाने के बहाने फरार हो गया। एनआईए के अधिकारियों ने कहा कि आलम की हिरासत के बारे में स्थानीय पुलिस ने डायरी दर्ज की थी। मेहरार के भागने के बाद बिहार पुलिस और एनआईए आपस में उलझ भी गईं।
इस बीच सटीक सूचना पर बृहस्पतिवार को पनकी स्टेशन पर पटना राजधानी एक्सप्रेस को रुकवाकर मेहरार को दबोच लिया। दूसरी ओर आईजी सुनील कुमार गुप्ता, डीआईजी आरके चतुर्वेदी और एसएसपी यशस्वी यादव ने मेहरार आलम के शहर से पकड़े जाने की जानकारी से इनकार किया है।
मोदी के कानपुर रैली स्थल की रेकी की थी
नरेंद्र मोदी की रैली में गड़बड़ी फैलाने के मकसद से मेहरार आलम साथियों के साथ कानपुर आया था। इन लोगों ने रैली स्थल और मोदी के लिए बनाए गए हैलीपैड की रेकी भी की थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो खुफिया अफसरों ने आईएम के आतंकियों से रैली में गड़बड़ी फैलाने सूचना दी थी।
साथ ही संदिग्धों के फोटो और ब्योरा भी कानपुर पुलिस को भेजा था। इसके बाद एसएसपी यशस्वी यादव ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे।
एसएसपी और पुलिस की सक्रियता देख मेहरार और उसके साथी अपने मकसद में कामयाब नहीं हुए और पकड़े जाने के डर से शहर छोड़कर चले गए थे। अब पुलिस मेहरार के कानपुर और यूपी के अन्य जिलों के लिंक तलाश करने में जुट गई है।
एऩआईए की हिरासत में एक और युवक
सूत्रों के अनुसार, एनआईए ने पटना ब्लास्ट केस में सीतामढ़ी के सुरसंद से एक और युवक को हिरासत में लिया है।