उत्तर प्रदेश में मैनपुरी शहर स्थित आसाराम आश्रम का विवाद एक बार फिर गहराने लगा है। कोर्ट से स्टे के बाद भी आश्रम में प्रवचन करने के संबंध में सिविल जज के यहां अवमानना याचिका दायर की गई है।
इस पर कोर्ट ने आसाराम की शिष्या सहित चार को नोटिस जारी किए हैं। इस मामले में सुनवाई के लिए 12 दिसंबर की तिथि निश्चित की गई है।
देवी रोड स्थित आश्रम का विवाद दो माह से गहरा गया है। आश्रम की जगह को लेकर एक पक्ष ने कोर्ट की शरण ली थी। आश्रम संचालकों पर मनमानी का आरोप लगाया था।
याचिका दायर करने वाले राजीव गुप्ता, संजीव गुप्ता, केशव गुप्ता, राकेश गुप्ता और पुष्पा देवी ने आश्रम के नाम लिखे गए दानपत्र को निरस्त कराने की मांग की थी।
याचिका करने वालों की ओर से उनके वकील अशोक कुमार मिश्रा के तर्कों के आधार पर 15 अक्तूबर को सिविल जज ने दोनों पक्षों को यथा स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे।
कोर्ट द्वारा दिए गए स्टे के बाद भी 19 नवंबर को आश्रम में आसाराम की शिष्या पूजा ने प्रवचन दिए थे। याचिका करने वालों ने जब प्रवचन करने का विरोध किया तो वहां मौजूद आसाराम के समर्थकों ने धमकी देकर भगा दिया था।
इस मामले में राजीव गुप्ता पक्ष ने सोमवार को सिविल जज के न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की।
याचिका में सुभाष गुप्ता निवासी दरीबा, शिष्या पूजा निवासी आसाराम आश्रम साबरमती अहमदाबाद गुजरात; हरिओम, शक्ति निवासी आसाराम आश्रम सिकंदरा आगरा पर कोर्ट के आदेश की अवमानना करने का आरोप लगाया गया है।
याचिका में कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने वालों को जेल भेजने और उनकी संपत्ति कुर्क करने की मांग की गई है। कोर्ट ने स्टे आदेश की अवहेलना करने वालों को नोटिस जारी किए हैं। इस मामले की सुनवाई 12 दिसंबर को की जाएगी।