उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) बनने के बाद और यूनिवर्सिटी के विलय से पहले चल रहे एनरोलमेंट जैसे अधूरे कामों को निपटाने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है।
31 अक्तूबर तक महामाया टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एमटीयू) कैंपस में संचालित कामकाज पूरा करने के लिए ये समय दिया गया है।
साथ ही एमटीयू को अपनी कार्य प्रणाली की पूरी रिपोर्ट और भविष्य में किए जाने वाले कामकाजों की रिपोर्ट भी यूपीटीयू को देनी होगी।
जीबीटीयू-एमटीयू के विलय के बाद बनी यूपीटीयू को टेकओवर करने से पहले अधूरे काम पूरे करने के संबंध में बृहस्पतिवार को लखनऊ में बैठक बुलाई गई थी।
यूपीटीयू के वीसी डॉ. आरके खांडल ने बताया कि दिसंबर में होने वाले एग्जाम पूरे प्रदेश के संस्थानों के लिए सेंट्रलाइज्ड तरीके से यूपीटीयू द्वारा ही कराए जाएंगे।
एमटीयू ने अपने छात्रों से कैरीओवर एग्जाम कराने का जो निर्णय लिया है उसे भी यूपीटीयू पूरा करेगी। बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि जो काम 30 नवंबर तक पूरे हो रहे हैं उन्हें समेट लिया जाए।
इसके बाद जो काम बचेंगे उनकी सूची यूपीटीयू को उपलब्ध करानी होगी। तय समय के भीतर डॉक्यूमेंटेशन पूरा करना होगा।
अधिकारियों पर मुसीबत
शासन की ओर से फिलहाल एमटीयू के अधिकारियों पर कोई निर्णय नहीं हो पाया है। अधिकारी असमंजस में है कि वे किस अधिकार के साथ अपना कामकाज करें।
एमटीयू खत्म हो चुकी हैं और यूपीटीयू के नाम या काम पर उनका अधिकार क्षेत्र नहीं हैं, ऐसे में कोई भी कार्रवाई लिखित या मौखिक रूप से कैसे की जाएगी।