नोएडा-ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले जिस एक्सप्रेस-वे पर वाहन फर्राटा भरते हैं, शनिवार को उस पर वाहनों की रफ्तार थमी दिखाई दी।
फुटओवर ब्रिज (एफओबी) के निर्माण की वजह से एक्सप्रेस-वे पर पांच घंटे तक ट्रैफिक डायवर्जन की मार लोगों को झेलनी पड़ी।
दो किलोमीटर का सफर तय करने के लिए पांच किलोमीटर लंबा चक्कर काटना पड़ा। एफओबी 10 अक्टूबर तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
हादसों पर अंकुश लगाने के लिए नोएडा प्राधिकरण सेक्टर-44 से सेक्टर-125 के बीच एक्सप्रेस-वे पर एफओबी बना रहा है। रविवार को एक्सप्रेस-वे के ऊपरी हिस्से पर निर्माण कार्य किया गया।
इसको ध्यान में रखकर सुरक्षा के लिहाज से वाहनों का आवागमन बंद करना पड़ा। सुबह 11 बजे से दोपहर करीब सवा एक बजे तक ग्रेटर नोएडा से नोएडा की तरफ आने वाले वाहनों को रास्ता बदलना पड़ा।
इस दौरान जेपी कट से ही वाहनों को सर्विस लेन की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। सेक्टर-125 के अंदर होते हुए वाहनों को महामाया फ्लाईओवर की तरफ भेजा गया।
वहीं, दोपहर सवा एक बजे से शाम चार बजे तक नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाने वाले वाहनों का रास्ता बदला गया। इस दौरान महामाया फ्लाईओवर से ही वाहनों का रुख एक्सप्रेस-वे की सर्विस लेन की तरफ मोड़ दिया गया।
सर्विस लेन का रास्ता पकड़कर वाहन सेक्टर-44 होते हुए सेक्टर-82 कट के रास्ते एक्सप्रेस-वे पर चढ़े। रविवार का दिन होने के कारण वाहनों का दबाव कम था।
इसलिए प्राधिकरण और ट्रैफिक पुलिस को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। यातायात निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि सोमवार को किसी तरह का डायवर्जन नहीं किया जाएगा।
कुछ देर के लिए लगा जाम
सुबह के वक्त ग्रेटर नोएडा की तरफ जाने वाला रास्ता बंद नहीं था, लेकिन एक्सप्रेस-वे के इस रास्ते पर एफओबी की निर्माण सामग्री डाल दी गई थी।
जिसके चलते कुछ देर के लिए जाम जैसे हालात बन गए। लोगों की सहूलियत के लिए निर्माण सामग्री को हटाया गया और रास्ता खोला गया।