नोएडा प्राधिकरण के लेफ्ट आउट फ्लैटों की जो कीमत तय की गई है, उसमें भारी-भरकम ब्याज भी जोड़ दिया गया है। इसके चलते इनकी कीमत बाजार दर के करीब पहुंच गई है।
प्राधिकरण ने एचआईजी फ्लैट की कीमत एक करोड़, एमआईजी की 59 लाख, एलआईजी की 35.51, ईडब्ल्यूएस की 9 व 10 लाख और श्रमिक कुंज की कीमत 4.70 लाख रुपये तय की है।
यह कीमत अब प्राधिकरण की उच्च स्तरीय कमेटी के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ब्रोशर तैयार कर योजना लांच कर दी जाएगी।
प्राधिकरण ने फ्लैटों की जो कीमत तय की है, उसमें मौजूदा आवंटन दर और निर्माण की लागत शामिल हैं। इसके अलावा जिस समय इनका निर्माण कराया गया था, उस समय खर्च की गई धनराशि पर अब तक का ब्याज भी जोड़ दिया गया है।
जो कि निर्माण की कुल लागत से कहीं अधिक है। हालांकि प्राधिकरण के अधिकारी निर्माण की लागत और उस पर ब्याज का ब्योरा नहीं दे पा रहे हैं, मगर इतना तय है कि ब्याज निर्माण की मूल लागत से कहीं ज्यादा है।
प्रॉपर्टी जानकारों की मानें तो प्राधिकरण ने निर्माण की लागत पर ब्याज तो लगा दिया है, मगर इस बात पर गौर नहीं किया कि पुराना निर्माण होने के कारण उसकी कुल अवधि भी कम हो चुकी है।
इन पुराने फ्लैटों को खरीदने के बाद उसकी मरम्मत भी करानी पड़ेगी। बता दें कि 866 फ्लैटों में से 485 श्रमिक कुंज, 150 ईडब्ल्यूएस, 143 एलआईजी, 41 एमआईजी और 47 एचआईजी फ्लैट हैं।
श्रमिक कुंज सेक्टर 66, 93, 110 व 122 में हैं। ईडब्ल्यूएस फ्लैट सेक्टर 73 व 99 में, एलआईजी फ्लैट सेक्टर 99 व 135 में, एमआईजी फ्लैट सेक्टर 100 में और एचआईजी फ्लैट सेक्टर 99 में हैं।