इंजीनियरिंग की तरह अब प्रोफेशनल कोर्सेज में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मुफ्त पढ़ाई का मौका मिलेगा।
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने बीटेक के अलावा तीन साल वाले प्रोफेशनल कोर्सेज में भी पांच फीसदी अतिरिक्त सीटों पर फ्री पढ़ाई का प्रावधान लागू कर दिया है।
2014-15 में पहली बार इस नियम को संबंधित विश्वविद्यालयों की ओर से अपने संस्थानों में लागू किया जाएगा।
यूजीसी ने तकनीकी शिक्षा के लिए बनाए अपने रेगुलेशन-2013 में प्रोफेशनल कोर्सेज को भी शामिल किया है। इसके परिशिष्ट-बी के बिंदु 11.1.ए के मुताबिक टेक्निकल के साथ प्रोफेशनल कॉलेजों में भी तीन साल के कोर्सों पर यह नियम लागू होगा।
इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर एप्लीकेशन, मैनेजमेंट, एप्लाइड आर्ट्स एंड क्राफ्ट, होटल मैनेजमेंट, फार्मेसी, टाउन प्लानिंग और आर्किटेक्चर के अलावा सेंट्रल गवर्नमेंट की ओर से निर्धारित सभी टेक्निकल-प्रोफेशनल कोर्सेज के तीन और चार साल वाले यूजी कोर्स पर लागू होगा।
देश की किसी भी यूनिवर्सिटी से जुड़े हुए टेक्निकल और प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए यह व्यवस्था लागू होगी। इस नियम के तहत संबंधित कॉलेज में किसी भी प्रोफेशनल कोर्स की कुल सीटों (इनटेक) के अलावा पांच फीसदी सीटों पर फ्री एजुकेशन (फ्री ट्यूशन फीस) के तहत छात्रों को एडमिशन दिया जाएगा।
इन सीटों पर दाखिले का नियम और व्यवस्था संबंधित यूनिवर्सिटी की ओर से मुख्य सीटों पर होने वाले दाखिलों की तरह ही लागू रहेगी। प्रोफेशनल कोर्स की फ्री सीट के दायरे में भी इंजीनियरिंग की तरह छह लाख रुपये सालाना आय वाले अभिभावकों के बच्चों को लाभ दिया जाएगा।
दरअसल, ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) की ओर से कुछ साल पहले इंजीनियरिंग कॉलेजों में फ्री सीटों का प्रावधान शुरू किया था। अब एआईसीटीई की जगह यूजीसी ने तकनीकी शिक्षा की जिम्मेदारी ले ली है, जिसके नए रेगुलेशन में इस व्यवस्था में प्रोफेशनल कोर्सेज को भी शामिल किया गया है।