नोएडा में नियमों का उल्लंघन कर प्रदूषण फैला रही औद्योगिक इकाइयों पर नियंत्रण के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने जुर्माना लगाने का निश्चय किया है।
प्रदूषण फैलाने की स्थिति में औद्योगिक इकाइयों पर पांच हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा।
दरअसल, एनजीटी के मानकों का पालन करने संबंधी तमाम आदेशों के बावजूद कई कंपनियां अभी भी प्रदूषण नियमों पर खरी नहीं उतर पा रही हैं।
जिले में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण से चिंतित एनजीटी ने ऐसी इकाइयों पर जुर्माना लगाने का निर्णय किया है। संजय अग्निहोत्री की याचिका पर जस्टिस एसएन हुसैन की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह निर्णय लिया है।
एनजीटी ने तीन औद्योगिक इकाइयों को दिए आदेश में कहा है कि इनकी औचक जांच समय-समय पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी करेंगे।
जांच के दौरान प्रदूषण पाए जाने पर 4 अक्तूबर से पांच हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा। एनजीटी ने कहा है औद्योगिक इकाइयों के प्रदूषण स्तर में सुधार नहीं करने से इनकी जांच में जुटे अधिकारियों का समय खराब हो रहा है। साथ ही कई अन्य जरूरी कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
ऐसी कंपनियों की प्रदूषण की जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारी एनजीटी को सौंपेंगे। इस संबंध में सुनवाई 22 और 30 अक्तबूर को होगी।
दूसरी तरफ एक अन्य औद्योगिक इकाई को प्रदूषण में सुधार नहीं करने तक बंद रखने का एनजीटी ने आदेश दिया है।