नोएडा की 20 महिलाएं गर्भावस्था में एचआईवी पॉजिटिव पाई गई हैं। सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में जनवरी से अब तक गर्भवती महिलाओं की हुई एचआईवी जांच में यह आंकड़ा सामने आया है।
आईसीटीसी विभाग की नोडल अधिकारी दयावती के अनुसार इस साल 51 एचआईवी मरीज अस्पताल में रजिस्टर्ड हैं। जिला गौतमबुद्ध नगर में एचआईवी संक्रमण से ग्रसित लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है।
अभी पिछले दिनों एक गांव में हुई दो एड्स पीड़ितों की मौत के बाद 51 एचआईवी पीड़ित सामने आने से चिकित्सा विभाग में खलबली मच गई है।
यह आंकड़े केवल जिला अस्पताल में जांच कराने आए लोगों से सामने आए हैं, जबकि जिले में निजी अस्पतालों में जांच कराने वाले नए एचआईवी रोगियों की संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है।
जिला अस्पताल के आईसीटीसी (इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर) में जनवरी से लेकर अब तक काउंसलिंग के लिए 3700 लोग आ चुके हैं। इसी साल जनवरी से अब तक अस्पताल में जांच के दौरान 20 गर्भवती महिलाएं एचआईवी से संक्रमित पाई गई हैं।
अस्पताल में मौजूद पीपीटीसी (एचआईवी ग्रसित माता-पिता के संक्रमण से नवजात का बचाव) सेंटर में इनका इलाज चल रहा है। इन महिलाओं समेत कुल 51 मामले पॉजिटिव मिले हैं।
इन लोगों में सेक्स वर्कर, ड्राइवर और गर्भवती महिलाओं समेत आम लोग शामिल हैं। अस्पताल आने वाली गर्भवती महिला के साथ उसके पति की भी काउंसलिंग और एचआईवी जांच की जाती है। इन लोगों का इलाज मेरठ में एआरडी सेंटर में चलता है।
टीबी के 8 मरीज
नोडल अधिकारी दयावती ने बताया कि एचआईवी संक्रमण ग्रसित 51 मरीजों में से 8 मरीज टीबी (ट्यूबर क्लोसिस) बीमारी से भी ग्रसित हैं। इनका भी इलाज चल रहा है।