इलाहाबाद में सफल आंदोलन से उत्साहित आरक्षण समर्थकों ने अब आजमगढ़ में महापंचायत की घोषणा की है।
आरक्षण की त्रिस्तरीय व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलन के लिए गठित सामाजिक न्याय मोर्चा की बुधवार को बघाड़ा में हुई बैठक में इसकी घोषणा की गई।
इसमें जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव समेत उन सभी नेताओं को जोड़ने की कोशिश होगी जिन्होंने इलाहाबाद में मंगलवार को प्रस्तावित महापंचायत में शामिल होने के लिए सहमति दी थी और गिरफ्तार हुए।
महापंचायत अक्टूबर में होगी, जिसकी तिथि की घोषणा जल्द की जाएगी। आरक्षण समर्थकों ने इसके बाद विधानसभा के घेराव के की घोषणा की है। इसकी तिथि तथा आंदोलन के स्वरूप की घोषणा आजमगढ़ की महापंचायत में की जाएगी।
सामाजिक न्याय मोर्चा की ओर से मंगलवार को महापंचायत की घोषणा की गई थी लेकिन जिला प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर इसमें शामिल होने के लिए इलाहाबाद पहुंच रहे शरद यादव, अपना दल की अनुप्रिया पटेल, इंडियन जस्टिस पार्टी के डॉ. उदित राज समेत अन्य नेताओं को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
इसके बाद भी बड़ी संख्या में छात्र और प्रतियोगी निकले तथा गिरफ्तारी दी। इसी के मद्देनजर मोर्चा के नेताओं की बघाड़ा में हुई बैठक में आगे की रणनीति की चर्चा की गई।
नेताओं ने बैठक में हुए फैसले की जानकारी अनशन के दौरान गिरफ्तारी के बाद जेल में बंद मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश यादव, मीडिया प्रभारी मनोज यादव और संचालक मुकुंद लाल मौर्य को भी दी, जिस पर वे सहमत हैं।
बैठक में मंगलवार की महापंचायत पर रोक तथा नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया।
साथ में आंदोलन की अगुवाई करने वाले छात्र नेताओं पर से मुकदमा वापस लेने की मांग की गई। मोर्चा के सरंक्षक अजीत यादव ने कहा कि इस मांग को लेकर एक-दो दिनों में रणनीति बनाकर आंदोलन चलाया जाएगा।
मोर्चा के सचिव आदर्श चौधरी, लालाराम सरोज, चंद्रजीत यादव, आशुतोष वर्मा, सुरेंद्र चौधरी, जीएन शाक्या आदि ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्तियों में आरक्षण की त्रिस्तरीय व्यवस्था लागू करने की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की।
आरक्षण समर्थकों की एक अन्य बैठक बालसन चौराहा स्थित पार्क में भी हुई तथा आंदोलन की घोषणा की गई।