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मेरठ की नेहा दीवान की कार में घूमता था नारायण साईं

Wed, 04 Dec 2013 11:25 PM IST
अमर उजाला, मेरठ
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सिविल लाइन की पॉश कॉलोनी साकेत ए-70 में दीवान फैमिली पांच लाख रुपये के इनामी नारायण साईं की अनुयायी है। बुधवार को पंजाब बॉर्डर पर जिस कार में घूमते हुए नारायण और उसके साथी पकड़े गए, वह नेहा दीवान की है। इसका पता लगते ही दंपति गायब हो गए।
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परिवार के अन्य लोगों ने पारिवारिक विवाद बताकर  मीडिया से बातचीत नहीं की। पड़ोसियों ने बताया कि नारायण दीवान फैमिली में अक्सर आता था।

गिरफ्तारी के समय नारायण जिस कार में सवार था, उसका रजिस्ट्रेशन मेरठ के एक प्रसिद्ध स्कूल के संचालक अजय दीवान की पत्नी नेहा दीवान के नाम से है। इस खुलासे के बाद अजय दीवान की कोठी के बाहर मीडिया कर्मियों का तांता लग गया।

इसे देखते हुए चौकीदार ने कोठी में अंदर से ताला जड़ दिया। दोपहर करीब 12 बजे अजय के छोटे भाई विकास दीवान इनोवा से वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह बसपा से जुड़े हैं और उनका दिल्ली में बिजनेस है। नारायण से भाभी नेहा की कार कैसे मिली, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इस मामले से पल्ला झाड़ते उन्होंने कहा कि बंटवारे को लेकर परिवार में विवाद है। भाई अजय किससे मिलते हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं।
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दीवान फैमिली से नारायण का पुराना नाता
हालांकि, दीवान फैमिली का नारायण से क्या ताल्लुक है, इसकी जांच अभी बाकी है। इधर, नारायण का दीवान फैमिली से पुराना नाता बताया जा रहा है। परिवार के कार्यक्रमों में अक्सर नारायण उनके घर आता था। डेढ़ साल पहले नारायण दीवान फैमिली के एक बड़े कार्यक्रम में शामिल होने आया था। इसी दौरान नारायण ने मेरठ का भ्रमण किया था।

दीवान फैमिली की कोठी के सामने संवीर अपार्टमेंट के चौकीदार चंद प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि नारायण अक्सर यहां आता था। विकास दीवान ने भी बताया है कि नारायण से उनके परिवार के संबंध थे, लेकिन कई माह से उनका उससे कोई लेना-देना नहीं है।

आखिर, पुलिस की चुप्पी का राज क्या
नारायण की गिरफ्तारी को लेकर देशभर में पुलिस की टीम लगी थी। मेरठ में नारायण के होने की चर्चा पर पुलिस ने कई बार छापेमारी भी की। नारायण की गिरफ्तारी के बाद मेरठ भी सुर्खियों में आया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने एक बार भी दीवान फैमिली की कोठी तक जाना मुनासिब नहीं समझा।
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