डौंडिया खेड़ा में इस समय रहस्य, रोमांच और उत्सुकता का माहौल है। किले का रहस्य गहराता जा रहा है तो स्वर्ण भंडार को लेकर रोमांच और उत्साह लोगों को किले की ओर खींचकर ले जा रहा है।
किले में स्वर्ण भंडार की मौजूदगी की संत वाणी मन में आस जगा रही थी तो भंडार मिलने के बाद विकास की बात सोचकर मन रोमांचित हो रहा था। फिलहाल डौंडिया खेड़ा पहुंचे तमाशबीनों को सोना तो नहीं दिखा, अलबत्ता पुलिस की लाठियां जरूर मिली का डंडा जरूर दिखा।
संत शोभन सरकार के शिष्य स्वामी ओम जी ने साफ शब्दों में कह दिया कि यदि सोना नहीं मिलेगा तो उनका सिर कलम करा दिया जाए। इससे पहले स्वामी जी कह चुके हैं कि यदि सोना न मिले तो उनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चलाया जाए।
शुक्रवार की शाम दूसरी बार डौंडिया खेड़ा पहुंचे स्वामी ओम जी से पत्रकार बार-बार यही सवाल पूछ रहे हैं कि सोना न मिला तो क्या होगा। स्वामी ओम जी ने कहा कि अभी जेसीबी से किला परिसर की खुदाई करा ली जाए तो सोना मिल जाएगा। इसमें शंका जैसी कोई बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि तेजी से खुदाई एएसआई के बस की बात नहीं है। यह कोई खेल नहीं है। अधिकारियों और नेताओं को मेहनत करनी होगी तभी खजाना मिलेगा। एएसआई ने छह घंटे में जितनी खुदाई की है उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि खुदाई कब तक होगी।
दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सुनील यादव और सपा के राष्ट्रीय महासचिव नरेश अग्रवाल, स्वामी ओम जी के निशाने पर रहे।
उन्होंने कहा कि यह नेता स्वर्ण भंडार को प्रदेश के विकास में खर्च करने की बात कह रहे हैं। इन्हें यह जानना चाहिए कि यह खजाना प्रदेश का नहीं देश का है। यह खजाना देश के विकास में खर्च होगा।
स्वामी जी ने कहा कि 1000 टन छोटी बात है, हम 21 हजार टन सोना देंगे। सरकार को जितना सोना चाहिए हम देंगे लेकिन इसके लिए कोई अधिकृत व्यक्ति तो सामने आए।