स्वामी विवेकानन्द जी की 157वीं जयन्ती के कार्यक्रम में मौजूद अतिथि ।
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मुजफ्फरनगर। भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज नई मंडी में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उनके जीवन से प्रेरणा लेकर युवा पीढ़ी को अपने धर्म, देश प्रेम व मातृभूमि की रक्षा के लिए हर समय समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता पिंकी जैन ने स्वामी के जीवन पर प्रकाश डाला। बताया कि विवेकानंद बचपन से ही योग साधना में लीन हो जाते थे। सन 1881 में वे अपने गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस से मिले। उन्होंने मां काली से शक्ति ज्ञान और वैराग्य की कामना की। मुख्य वक्ताओं ने शिकागो धर्म सम्मेलन के संबंध में छात्राओं को बताया। कहा कि स्वामी ने महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए हमेशा प्रयास किए। सन 1902 में स्वामी ने महा समाधि ली। प्रधानाचार्या सुनीता गौड़ ने सभी से स्वामी जी के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए आग्रह किया। वहीं, राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर भरतिया कॉलोनी स्थित विवेक विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में शिक्षकों ने स्वामी विवेकानंद से संबंधित घटनाओं, शिक्षाओं व प्रेरक प्रसंगों का वर्णन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक महेंद्र आचार्य, निदेशक विवेक कुमार, प्रधानाचार्या प्रेमलता शर्मा, उप प्रधानाचार्य माधवी सिंह ने सामूहिक रूप से स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। प्रिया सैनी ने स्वामी जी के सहनशीलता के गुण के बारे में बताया। अनुराधा गुप्ता ने कहा कि हर व्यक्ति को स्वामी जी की तरह अपने विचार एवं सोच को सकारात्मक रखना चाहिए। सुरभि गोयल ने प्रत्येक काम को एकाग्रता से करने की बात कही। प्रबंधक महेंद्र आचार्य ने स्वामी जी के शिकागो में आयोजित धर्म सम्मेलन में दिए गए भाषण की जानकारी दी। संचालन ज्योति मलिक एवं निर्मला ने किया।