मुजफ्फरनगर। सुनहरे भविष्य और अच्छी नौकरी का लालच देकर कंबोडिया में दो युवकों को एक चीनी कंपनी को बेचने वाले गिरोह के दो सदस्यों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के एक अन्य सदस्य की तलाश जारी है।
गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में मानव तस्करी के इस भयावह धंधे का खुलासा हुआ। पुलिस और आईबी की टीम जांच कर रही है। अकेले मुजफ्फरनगर के करीब 15 युवक कंबोडिया में फंसे हुए हैं।
पुलिस लाइन में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि साइबर क्राइम थाने को यह सूचना मिली थी कि कुछ गिरोह भारतीय युवाओं को अच्छी नौकरी का झांसा देकर विदेश भेज रहे हैं और वहां उन्हें साइबर ठगी व मानव तस्करी में लिप्त कर रहे हैं।
इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने कुछ युवकों को कंबोडिया भेजा था, जहां उन्हें एक चीनी कंपनी को बेच दिया गया।
इन पीड़ितों को बंधक बनाकर उनसे साइबर ठगी का काम कराया जा रहा था।पुलिस ने इस मामले में शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव तावली निवासी आस मोहम्मद और खतौला निवासी जावेद को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद हुआ है।
पुलिस को अभी भी थाना खालापार के मोहल्ला रहमतनगर निवासी अनवर अहमद अंसारी उर्फ शाबरी की तलाश है, जो इस गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है।