21-भोकरहेड़ी में आयोजित आर्य समाज के वार्षिक सम्मेलन में बोलते वक्ता।
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। आर्य समाज भवन भोकरहेड़ी के वार्षिक सम्मेलन में स्वामी कर्मवीर योगी महाराज ने कहा कि ध्यान करें, आध्यात्मिक बने। ईश्वर को जानने के लिए भक्ति को चुने। ईश्वर की दृष्टि में आप हर समय रहते हैं, इसलिए गलत कार्य और गलत लोगों की संगत से हमेशा बचो।
कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ईश्वर सर्वव्यापी है। जब तक हमें ज्ञान नहीं होता, तब तक की ईश्वर और भक्ति की प्राप्ति नहीं होगी। अपने आंख, कान और वाणी से अच्छा बोलोगे, तो स्वर सुधर जाएंगे। हमारे कर्म जन्मो-जन्मान्तर से प्रभावित करते चले आ रहे हैं, आज के कर्म से आने वाला कर्म निर्धारित होगा। संस्कारों से जाति, कौम का निर्धारण होता है। मानव जीवन में सुधार करना का मौका मिलता है। इसलिए जीवन को सजगता के साथ जिएं। अच्छी दृष्टि की सोच रखें। जो व्यक्ति आश्रित होगा, उसको भक्ति नहीं मिलेगी। मलीन चित को भक्ति सुधारती है। आत्मा की खुराक ईश्वर भक्ति और ध्यान है। कार्यक्रम में स्वामी महानंद महाराज, स्वामी सत्यवेश महाराज, भजनों उपदेशक अलका आर्य बदायूं, मोहित आर्य, योगेश दत्त बिजनौर आदि ने भी अपने विचार रखे। मौके पर विक्की आर्य, जितेंद्र आर्य ने मुख्य यज्ञमान की और सुभाष आर्य दिल्ली, सुखपाल सिंह ने वेदपाठी की भूमिका निभाई। कार्यक्रम के आयोजन में रणबीर सिंह, ओमप्रकाश आर्य, कक्कू, अश्वनी, संजीव, रामपाल, ओमबीर बाबा आदि रहे।