मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले के उद्यमियों से मिले और उनकी समस्याओं को सुना। उद्यमियों ने कई मांगों के साथ जिले को एनसीआर से बाहर करने का पक्ष रखा है, जिस पर जल्द ही कार्रवाई का सीएम ने भरोसा दिया।
जिले के उद्यमियों ने सीएम के समक्ष अपनी पीड़ा बयां की। हाल ही में पांच दिन शुगर मिलों समेत 123 इंडस्ट्रियों पर तालाबंदी रही। जिसके चलते उद्योगों को नुकसान पहुंचा है। जनपद में छोटे-बड़े करीब 200 उद्योग हैं, जिनमें सबसे अधिक पेपर मिल और स्टील उद्योग हैं। पिछले दस साल में जिले में कई बड़े उद्योग सिमट गए हैं, जिनका मुख्य कारण विद्युत सप्लाई है।
प्रदेश में चाहे बसपा या सपा की सरकार रही हो, सब सरकारों से उद्यमियों को निराशा मिली है। अब योगी सरकार से उद्योगों को नई आशाएं हैं। पेपर मेन्यूफेक्चरिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सीएम योगी से मिलकर अपनी समस्याएं रखीं। उद्यमियों ने कॉमन इंफलेंट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना करने, नए उद्योगों के लिए एकल खिड़की, औद्योगिक मार्गों का निर्माण और चौड़ीकरण, बिजली दरें घटाने और बंद पड़े उद्योगों को संचालित करने की मांग रखी है।
उद्यमी सुभाष चौधरी ने खनन नीति घोषित करने का मुद्दा उठाया। सीएम ने उद्यमियों की बातों को सुनकर समस्याओं का हल निकालने का आश्वासन दिया। इस दौरान भीमसेन कंसल, कुशपुरी, अजय कुमार, संजीव जैन, राकेश जैन, कुंज बिहारी अग्रवाल, सतीश गोयल, रामकुमार सराफ, एमके बंसल, ईश्वर चंद्रा, राजेश जैन, राजकुमार जैन, प्रवीण जैन, दिनेश मोहन,अनूप सिंह, भारतवीर एडवोकेट, नीलकमल पुरी, एससी कुलश्रेष्ठ, योगेंद्र गर्ग, धर्मेंद्र वत्स, सुनील गोयल, राजू अग्रवाल आदि मौजूद रहे।