शहर के संतोष विहार में घर पर योग करते बच्चे।
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लॉकडाउन में घरों में लगी योग, आसन की कक्षाएं
मुजफ्फरनगर। कोरोना लॉकडाउन की वजह से सुबह और शाम को संचालित योग प्रशिक्षण कक्षाएं तथा शिविर बंद हो चुके हैं। कोरोना संक्रमण से सुरक्षा को प्रत्येक नागरिक का घर में रहना जरूरी है। लॉकडाउन को जिंदगी पर बंदिश नहीं माने, बल्कि घर-घर में बेटे-बेटियों को विधिवत योगासन सिखाएं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करें।
भारतीय योग संस्थान की प्रांतीय कार्यकारिणी के सदस्य योगाचार्य सुरेंद्रपाल सिंह कहते हैं कि कोरोना सुरक्षा अभियान के तहत सभी योगाभ्यास केंद्र बंद रखे गए है। साधक-साधिकाओं को प्रेरित किया गया है कि घर पर सुरक्षित रहकर योगासन नियमित कीजिए। साथ ही सुबह-शाम नित्य पुत्र-पुत्रियों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए योगाभ्यास कराएं। लॉकडाउन की स्थिति में दिनचर्या उत्साह रहेगी, बच्चे बोझिल महसूस नहीं करेंगे। बुजुर्ग भी क्षमता अनुसार प्रतिदिन योग करें। गांधी कॉलोनी के लक्ष्मी नारायण मंदिर के परिसर में योग कक्षा संचालित करने वाले गजेंद्र सिंह राणा कहते हैं कि युवाओं के लिए सूर्य नमस्कार महत्वपूर्ण है। योग की सूक्ष्म क्रियाएं शरीर के अंगों को मजबूत बनाती है।
गायत्री मंत्रोच्चार से बढ़ेगी मानसिक क्षमता
मुजफ्फरनगर। कोरोना वायरस में गले और फेफड़ों को संक्रमण से बचाना पहली प्राथमिकता है। प्रशिक्षक यज्ञदत्त आर्य बताते हैं कि सिंहासन करने से गले का संक्रमण तथा टॉंसिल की समस्या नहीं होगी। भस्त्रिका, प्राणायाम एवं कपालभांति अवश्य कीजिए, ताकि फेफड़ों में वायु भरने की क्षमता बढ़ जाए। कोरोना का प्रभाव शरीर पर कम पड़ेगा। अनुलोम, विलोम भी उत्तम है। गहरे लंबे श्वासों के प्राणायाम गले, फेफड़ों की प्रतिरोधक क्षमता में रामबाण है। ओम ध्वनि, गायत्री मंत्रोच्चारण से योग, आसन प्रारंभ करें। घर पर योगाभ्यास के उपरांत ओम जाप से मानसिक शांति मिलेगी।