धर्म मार्ग के लिए प्रेरित करता है योग: जैन मुनि
खतौली। गंगनहर के निकट स्थित नसियाजी मंदिर पर बृहस्पतिवार को बेगराजपुर से पदविहार करते हुए पहुंचे जैन मुनि प्रणक्य सागर महाराज का स्वागत किया गया। जैन मुनि ने कहा कि योग स्वस्थ रखने के साथ ही हमें धर्म मार्ग के लिए भी प्रेरित करता है।
जैन समाज से मुनि प्रणक्य सागर महाराज और चंद्रसागर महाराज बृहस्पतिवार को बेगराजपुर से हाईवे होते हुए खतौली में गंगनहर स्थित नसियाजी मंदिर में पहुंचे। नगर से बड़ी संख्या में उनके स्वागत के लिए श्रद्धालु बेगराजपुर पहुंचे और वहां से उनके साथ ही पदविहार करते हुए खतौली पहुंचे। पदविहार से आगे जैन धर्म की ध्वज पताका ली हुई थी। नसियाजी मंदिर के बाद मुनियों को बड़ा बाजार स्थित पीसनोपाड़ा मंदिर ले जाया गया, जहां मुनि प्रणक्य सागर महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि सभी लोग जीवन में सदाचार को सर्वोपरि स्थान दें। योग अवश्य करें, क्योंकि योग स्वस्थ रखने के साथ ही एकाग्रता को बढ़ाकर हमें धर्म मार्ग के लिए प्रेरित करता है। प्रतिदिन जिनेंद्र भगवान के दर्शन, उनके अभिषेक व पूजन को जीवनचर्या का अभिन्न अंग बनाएं। बच्चों में नम्रता, सरलता, सहजता व सहिष्णुता के संस्कार डालें और उन्हें फास्ट फूड से दूर रखते हुए घर की रसोई में खानपान की शुद्धि पर ध्यान देना चाहिए। इस मौके पर अरुण जैन, रामकुमार, जयभगवान, प्रमोद, मुकेश, पुनित, मनोज, शशांक, अरुण, सुशील, विनोद और डॉक्टर ज्योति आदि मौजूद रहे।