-ब्रह्मचारियों ने अभिभावकों और संतों से भिक्षा का दान भी लिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। शुकतीर्थ स्थित श्री गुरुदत्त ब्रह्मचारी संस्कृत माध्यमिक विद्यालय में 27 ब्रह्मचारियों का यज्ञोपवीत वेदारंभ संस्कार वेद मंत्रों के साथ धूमधाम से सम्पन्न हुआ। ब्रह्मचारियों ने अभिभावकों व संतों से भिक्षा का दान भी लिया।
प्रधानाचार्य कृष्ण वाजपेई के नेतृत्व में आचार्य आशीष शास्त्री ने श्रावणी उपाक्रम के अंतर्गत प्रायश्चित स्नान, दशविधि स्नान, हेमान्द्री संकल्प, ऋषि पूजन और तर्पण के साथ यज्ञ में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 27 वटुक विद्यार्थियों से आहुति डलवाई।
गायत्री तपोनिष्ठ जनार्दन स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि 16 संस्कारों में उपनयन संस्कार सबसे महत्वपूर्ण है। यज्ञोपवीत वेद पठन पाठन के अधिकार का प्रतीक है, जो संतुलित, संयमित और उदेश्यपूर्ण जीवन के लिए प्रेरित करता है। यज्ञोपवीत धारण करने से आयुष्य बल और तेज की वृद्धि होती है।
उन्होंने नवीन ब्रह्मचारियों को फल, वस्त्र व दीक्षा देकर आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में संयोजक विनोद भूषण, मैनेजर मनोहर लाल शर्मा, आचार्य कुशाग्र, विनोद शर्मा मौजूद रहे।