जानसठ में पानीपत खटीमा राजमार्ग से भूखे प्यासे साइकिल से गुजरते गोरखपुर के रहने वाले श्रमिक।
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भूख मिटाने के लिए पानी और ब्रेड के सहारे श्रमिक
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। वैश्विक कोराना महामारी के फैलने तथा देशव्यापी लॉकडाउन के चलते गोरखपुर के 24 से अधिक श्रमिकों को चंडीगढ़ के किसानों ने अपने यहां काम देने से इंकार कर दिया। किसानों ने इन श्रमिकों को वापस भेज दिया है। श्रमिक चंडीगढ़ से साइकिल से भूखे प्यासे ही अपने घर लौट रहे हैं। भोजन नहीं मिलने के कारण उनकी व्यथा काफी झकझोर देने वाली है। श्रमिक पानी के साथ ब्रेड खाकर अपनी भूख मिटाते हुए साइकिल पर चल रहे हैं।
गोरखपुर जिले के निवासी 24 से अधिक श्रमिक चंडीगढ़ में किसानों के यहां गन्ने की छिलाई करने के लिए पहुंचे थे। किसानों ने इन श्रमिकों को 23 अप्रैल को अपने यहां काम पर रखने से इंकार कर दिया और घर लौटने के लिए कह दिया। इस पर सभी श्रमिक साइकिल से ही 23 अप्रैल को ही घर गोरखपुर जाने के लिए निकल गए थे। शनिवार को ये सभी श्रमिक साइकिल से पानीपत खटीमा राजमार्ग से गुजरे। इन श्रमिकों ने बताया कि चंडीगढ़ से यहां तक उनको खाने के लिए भोजन नहीं मिला। बाजार से ब्रेड खरीदी थी। पानी के साथ भूख मिटाने को ब्रेड खाते हुए चल रहे हैं। इन श्रमिकों का कहना था कि जब तक लॉकडाउन नहीं खुलेगा, वे किसी भी किसान के यहां दूसरे प्रदेशों में नहीं जाएंगे।