नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बुधवार को बुर्कानशीं महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। उन्होंने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कानून को निरस्त करने की मांग की।
बुधवार को किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन की जानकारी से अंजान पुलिस एवं खुफिया विभाग के अधिकारियों के हाथ पैर उस समय फूल गए जब सीएए के विरोध में केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करती हुईं बुर्कानशीं महिलाएं सड़कों पर उतर आईं। '
सुबह करीब 11 बजे नागरिकता संशोधन कानून और संभावित एनआरसी के विरोध में महिलाएं इकट्ठा होकर इस्लामिया बाजार से केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ीं। इस दौरान उन्होंने नो-सीएए व नो-एनआरसी का नारा देते हुए केंद्र सरकार से देशभर में प्रदर्शन कर रहे लोगों की आवाज सुनने की अपील की।
महिलाएं हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर सरसटा बाजार, दारुल उलूम चौक से होते हुए खानकाह पुुलिस चौकी तक पहुंचीं। जहां उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सीओ चौब सिंह को दिया। हालांकि प्रदर्शनकारी महिलाएं कौन थीं और किसके नेतृत्व में उन्होंने मार्च निकाला। इसके बारे में पुलिस को भी पता नहीं है।
सीओ चौब सिंह का कहना है कि राष्ट्रपति के नाम कुछ महिलाओं ने ज्ञापन दिया है, लेकिन उस पर किसी भी महिला का नाम नहीं लिखा है। ज्ञापन देने के बाद महिलाएं लौट गईं। वहीं, महिलाओं के सड़कों पर उतरने की जानकारी पुुलिस अधिकारियों को मिली तो आनन फानन में विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया।