झबीरन गांव में राजस्व विभाग की गाड़ी के आगे खड़े होकर मकान तोड़ने का विरोध करते ग्रामीण
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देवबंद। झबीरन गांव में पट्टे की जमीन से कब्जा हटवाने गई राजस्व विभाग की टीम को महिलाओं के विरोध के चलते बैरंग लौटना पड़ा। इस दौरान महिलाओं और पुरुषों ने जमकर हंगामा किया और टीम पर गंभीर आरोप भी लगाए।
शनिवार को राजस्व विभाग की टीम तहसीलदार हर्ष चावला के नेतृत्व में पट्टे के भूमि पर बने मकान को तोड़ने के लिए गई थी। जानकारी मिलने पर वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान महिलाओं ने इकट्ठा होकर राजस्व विभाग की कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। बताया जाता है कि महिलाएं नारेबाजी करते हुए तहसीलदार की गाड़ी के सामने लेट गईं। इस दौरान कुछ महिलाओं ने कब्जा हटवाने पहुंचे अधिकारियों को कोर्ट से मिले स्टे की कॉपी दिखाई और कार्रवाई को रोकने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों ने स्टे कॉपी को मानने से इंकार कर दिया। यही नहीं यह भी कहा कि राजनीतिक दबाव के चलते उनके विरुद्ध कार्रवाई कराई जा रही है। झबीरण के प्रधान आरिफ त्यागी ने बताया कि पिछले 20 साल से उक्त जमीन पर मकान बना हुआ है। उधर, तहसीलदार हर्ष चावला ने बताया वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा निर्देश मिलने पर राजस्व विभाग की टीम गांव में गई थी। शिकायत मिलने पर जांच की गई जिसके बाद ही मकान तोड़ने के दिशा निर्देश दिए गए। बताया कि कुछ लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए कार्य को रुकवा दिया। पूरे मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।