सर्दी बीतने को आई, नहीं आया 50 हजार बच्चों की ड्रेस का पैसा
मुजफ्फरनगर। सर्दी का मौसम लगभग बीतने को आ चला है। लेकिन जिले के परिषदीय स्कूलों के बच्चो को स्वेटर और जूते-मौजे आदि के लिए मिलने वाला 1100 रुपया अभी भी 50 हजार छात्र-छात्राओं को नहीं मिल पाया है। जिन बच्चों के परिजनों के खातों में पैसा आया है, इनमें से अधिकतम ने बच्चों को उनका यह सामान नहीं दिलाया है।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में 1.72 लाख छात्र-छात्रा पंजीकृत हैं। सरकार ने इस बार छात्रों को ड्रेस, स्वेटर, जूते, मौजे देने के बजाय उनके खातों में 1100 रुपये देने का निर्णय लिया। जिले में अक्तूबर माह से छात्रों के खातों में पैसा डालने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन अब जनवरी माह बीतने को है अभी तक सभी बच्चों के खातों में पैसा नहीं पहुंच पाया है। शुरूआत में केवल 50 हजार के खातों में पैसा पहुंच पाया था। दिसंबर तक यह प्रक्रिया एक लाख तक ही पहुंच पाई थी। हाल ही में कुछ दिन पूर्व 22 हजार छात्रों के खातों में पैसा आ पाया है। जिले में 50 हजार छात्र-छात्रा ऐसे है जिनके अभिभावक के खाते में 1100 की रकम नहीं आई है।
यहां सबसे बड़ी बात यह है कि पैसा भले ही एक लाख 22 हजार छात्रों के खातों में आ गया हो, लेकिन इन सबको को स्वेटर और जूते नहीं मिल पाए हैं। कुछ के अभिभावकों ने पैसा निकाला ही नहीं है और कुछ ने अपने दूसरे कार्य में प्रयोग कर लिया है। स्कूलों में अवकाश चल रहा है, ऐसे में परिजनों को शिक्षक प्रोत्साहित भी नहीं कर सकते। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मायाराम का कहना है कि बैंक खाते और आधार कार्ड का मिलान होने के बाद ही पैसा जारी किया गया है। अभी लगभग 50 हजार छात्र-छात्रा ऐसे हैं जिनके खातों में पैसा जारी होना है।