बृहस्पतिवार सुबह घने कोहरे में स्कूल जाते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार को दिन में भी घना कोहरा छाया रहा। दोपहर के समय में भी सड़कों पर कुछ दिखाई नहीं दिया। कोहरा छाया रहने से स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि सभी स्कूल दस बजे से खुले, लेकिन दस बजे भी सड़कों पर अंधेरे की स्थिति बनी रही। घने कोहरे के कारण मानो जिंदगी थम सी गई। घने कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार भी थमी रही। बाजारों, यातायात व्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ा।
तीन दिन से मौसम में आए बदलाव के चलते घना कोहरा छाया हुआ है। बृहस्पतिवार को दोपहर में भी सड़कों पर अंधेरा छाया रहा। सुबह के समय सड़कें पानी से भीगी दिखाई दीं। कोहरे के चलते सड़कों पर ऐसे हालात थे, जैसे बारिश हो रही हो। स्कूल जाने वाले बच्चों को वाहनों द्वारा स्कूल ले जाना मुश्किल हो गया। अंधेरे के चलते स्कूल वाहन ले जाने वाले गाड़ी चालकों को कम स्पीड में वाहन चलाना पड़ा। बच्चों का स्कूल जाना दूभर हो गया।
कोहरे का असर बस अड्डों और रेलवे स्टेशन पर भी दिखाई दिया। कोहरे के अंधेरे में हादसों से बचने के लिए वाहन चालकों ने वाहन कम ही चलाए। ठंड के चलते सुबह देर तक लोग गर्म कपड़ों में लिपटे रहे। सरकारी दफ्तरों में भी कोई ज्यादा चहल-पहल दिखाई नहीं दी। आम आदमी दफ्तरों में काफी कम दिखाई दिया। दिन में भी लोगों को कोई खास राहत नहीं मिल पाई।
शाम चार बजे से ही ठंड का असर फिर से अपने रूप में दिखाई दिया। कोहरा आने के साथ ही ठिठुरन बढ़ गई। ठंड का आम आदमी पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। ठंड के चलते बाजारों की रौनक भी कम हो गई है। सुबह के समय दुकानें देर से खुल रही हैं और शाम को ठंड के कारण जल्द बंद हो रही हैं। दिन में भी बाजारों में हलचल नहीं दिखाई दे रही है।