पेंशन के लिए 20 साल करना होगा अंशदान
मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना में 60 साल की उम्र के बाद किसानों के लिए पेंशन का प्रावधान है। इसके लिए किसानों को कम से कम 20 साल तक अंशदान के बाद पेंशन का लाभ मिलेगा। प्रत्येक माह किसान को 55 से 200 रुपये की मासिक किस्त भी जमा करनी होगी।
पेंशन कोष का प्रबंधन भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष तक की आयु के छोटी जोत वाले लघु एवं सीमांत किसान हिस्सा ले सकते हैं, जिनके पास दो हेक्टेयर तक ही खेती की जमीन है। इस योजना के तहत कम से कम 20 साल और अधिकतम 40 साल तक 55 रुपये से 200 रुपये तक मासिक अंशदान करना होगा। अगर 18 साल की उम्र में किसान जुड़ते हैं तो मासिक अंशदान 55 रुपये या सालाना 660 रुपये होगा, वहीं अगर 40 की उम्र में जुड़ते हैं तो 200 रुपये महीना या 2400 रुपये सालाना योगदान करना होगा। जितना योगदान किसान का होगा, उसी धनराशि के बराबर योगदान सरकार भी पीएम किसान अकाउंट में करती है। यानी अगर किसान का योगदान 55 रुपये है तो सरकार भी 55 रुपये का योगदान करेगी।
डूबेगा नहीं किसान का पैसा
अगर कोई किसान बीच में स्कीम छोड़ना चाहता है तो उसके रुपये नहीं डूबेंगे, उसके स्कीम छोड़ने तक जो रुपये जमा किए होंगे, उस पर बैंकों के सेविंग अकाउंट के बराबर का ब्याज मिलेगा। अगर पॉलिसी होल्डर किसान की मौत हो जाती है, तो उसकी पत्नी को 50 फीसदी रकम मिलती रहेगी। पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए किसान को कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड और खसरा-खतौनी की नकल ले जानी होगी। रजिस्ट्रेशन के दौरान किसान का किसान पेंशन यूनिक नंबर और पेंशन कार्ड बनाया जाता है।