ग्राम समाज की भूमि पर खेल का मैदान बनवाएंगे
मुजफ्फरनगर। गांव जड़ौदा के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान धर्मेंद्र कुमार उर्फ बब्बल का कहना है कि उनका लक्ष्य शिक्षा के स्तर को उठाना है। गांव में राजकीय इंटर कॉलेज की बिल्डिंग बन गई है, उसको शुरू कराना उनकी प्राथमिकता में शामिल है, जिससे गांव के बच्चों को आसानी से शिक्षा मिल सके। ग्राम समाज की भूमि पर खेल का मैदान बनवाएंगे। उनकी कोशिश रहेगी कि सरकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्रों को मिले। जिन लोगों के मकान कच्चे हैं उनके मकान पक्के बनवाए जाएंगे। गांव में साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ग्रामीणों को भी साफ सफाई रखने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी।
गांव में स्वास्थ्य सेवा का अभाव
मुजफ्फरनगर। दिल्ली-दून नेशनल हाईवे से सटा सदर ब्लाक का गांव जड़ौदा महत्वपूर्ण गांव है। गांव की आबादी करीब 20 हजार है। गांव में 8500 मतदाता हैं। जड़ौदा ग्राम पंचायत का मजरा नया गांव है, जिसकी आबादी 500 के आसपास है। गांव में सभी वर्गों के ग्रामीण निवास करते हैं। गांव के अधिकतर लोग किसान हैं। जड़ौदा क्षेत्र में काफी औद्योगिक इकाइयां हैं। जिस कारण गांव के आसपास रोजगार के काफी साधन हैं। गांव के काफी लोग इन उद्योग इकाइयों में श्रमिक हैं। गांव में दो बैंक शाखाएं हैं। जड़ौदा गांव का मजरा नया गांव है। वहां पर ग्राम पंचायत की भूमि पड़ी हुई है। ग्राम प्रधान का कहना है कि उस भूमि में बच्चों के लिए खेल का मैदान बनाना उनकी प्राथमिकता में है। दोनों गांव में निष्पक्ष रूप से विकास कार्य कराए जाएंगे। प्राथमिक स्कूल है, इंटर कॉलेज बन रहा है, मगर अभी शुरू नहीं हुआ है। स्वास्थ्य सेवाएं नहीं है, जिस कारण ग्रामीणों को शहर सात किलोमीटर दूर शहर में जाना पड़ता है।
प्रधान का प्रोफाइल
नाम- धर्मेंद्र कुमार उर्फ बब्बल
शिक्षा- इंटरमीडिएट
व्यवसाय- कृषि
राजनीति पृष्ठभूमि:- पिता स्वर्गीय भिखारी सिंह 2005 योजना में गांव के प्रधान चुने गए थे।
समस्याएं
गांव जड़ौदा में स्वास्थ्य सुविधाओं की कोई व्यवस्था नहीं
ग्रामीणों के कच्चे मकान होने से उन्हेें होती है असुविधा
गांवों में सफाई व्यवस्था सुचारु नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है।