फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar News: जहां मोहब्बत की शमा जले, वहां उजाला ही उजाला है

विज्ञापन
खतौली में आयोजित मुशायरे में कलाम पेश करता शायर।संवाद
विज्ञापन
खतौली। मेला श्रावणी छड़ियान में आयोजित ऑल इंडिया मुशायरे में शायरों ने मौजूदा हालात पर तंज कसे। शायरों ने अपना कलाम सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी। अजम साकरी ने पढ़ा कि कौन कहता है कि दुनिया में अंधेरा ही अंधेरा है, जहां मोहब्बत की शमा जले, वहां उजाला ही उजाला है।
विज्ञापन

पालिका में मुशायरे का शुभारंभ शायर मीसम गोपालपुरी की नात ए पाक मेरी आहों को फकत इतना असर दे या रब, मैं यहीं बैठा रहूं उनको खबर हो जाए.. से हुआ। बिलाल सहारनपुरी ने कुछ यूं पढ़ा-मकानों से नहीं होती मोहब्बत की तामीर, दिलों में घर बसाना भी ज़रूरी होता है। हिमांशी बाबरा की नज़्म- औरत हूं, तो क्या मेरी परछाई नहीं होगी, मैं भी तो इस जहां में सच्चाई लिए हूं।
अबरार काशिफ का शेर- जहां नफरत के दरिया बहा करते हैं, वहीं मोहब्बत का दरिया तलाश करता हूं। शायर खुर्शीद हैदर ने पढ़ा- हमारी धड़कनों में आज भी वो लम्हा जिंदा है,जो तेरे साथ गुजरा था वही रिश्ता जिंदा है। शबीना अदीब की गजल- गम-ए-दौरां को हंसकर भी सह लेती हूं मैं, शेर कहकर जिंदगी को कह लेती हूं मैं। इनके अलावा इस्माइल नज़र, अल्ताफ जिया, आदिल राशिद, हाशिम नोमानी, निखत अमरोहावी, सिकंदर हयात गड़बड़, अमजद खान, नदीम अनवर, सज्जाद झंझट ने भी कलाम पेश किए। संयोजक सभासद सोनू फरीदी, असद खान शालू, दानिश मुल्तानी ने अतिथियों को सम्मानित किया।
विज्ञापन

अतिथियों को किया गया सम्मानित
उस्ताद सुनहरामल सैद और सलीम खतौलवी की याद में आयोजित मुशायरे में देश के नामचीन शायरों ने रातभर अपने कलाम से श्रोताओं को बांधे रखा। उद्घाटन सपा नेता लतेश विधूड़ी, काजी नबील अहमद ने फीता काटकर किया। अध्यक्षता पालिका चेयरमैन हाजी शाहनवाज अली और निजामत नदीम ने की। रालोद नेता अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव तासीर हसन, परवेज गाजी, कोऑर्डिनेटर फेमस खतौलवी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें