मुजफ्फरनगर। दुल्हेंड़ी के बाद बदले मौसम ने लोगों को बीमार कर दिया। खांसी, जुकाम के साथ बुखार से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ गई। होली पर उड़े रंगों के असर से त्वचा और एलर्जी रोग फैला है। साथ ही सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ी है। सोमवार को जिला चिकित्सालय की ओपीडी का बुरा हाल रहा, यहां रोगियों का आंकड़ा 1200 के पार पहुंचा है।
होली की छुट्टी के बाद पटरी पर आई स्वास्थ्य सेवाएं सोमवार को रोगियों की संख्या के आगे लड़खड़ा गई। मोरना, भोपा, तितावी के साथ शहर में बारिश के साथ गिरे ओलों ने स्थिति को अधिक घातक बना दिया। मौसम बदलते ही रोगियों में इजाफा हो गया। सोमवार को जनरल वार्ड से लेकर इमरजेंसी में रोगियों की भीड़ रही। दवा काउंटर पर तीमारदारों को घंटों तक लाइन में खड़े रहने पड़ा। गर्म दिन होते ही लोगों ने गर्म कपड़े दिनचर्या से हटा दिए।
नतीजतन इसका असर शरीर पर पड़ा है। सोमवार को सर्जन से लेकर अन्य वार्ड में ओपीडी में चिकित्सकों को एक पल भी फुर्सत नहीं मिली। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के सीएमएम डॉ पीके अग्रवाल ने बताया कि ओपीडी में सोमवार को अधिक भीड़ रही है। करीब 1200 लोगों के पर्च बने हैं, जिनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल रहे।
रंगों से चेहरे और आंखों पर दुष्प्रभाव पड़ा
मुजफ्फरनगर। अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या भी अधिक रही है, जिन्होंने होली खेली है। रंगों में केमिकल का ध्यान नहीं रखा। इसके चलते रंगों के असर उनके चेहरे और आंखों पर दुष्प्रभाव पड़ा है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ योगेंद्र त्रिखा बताते हैं कि सोमवार को त्वचा, खांसी-जुकाम के रोगी अधिक है। उनके कमरे में करीब 300 से अधिक रोगियों को दवा दी गई है। इसके अलावा होली पर उड़े रंगों के कारण सांस के रोगियों को भी दिक्कत हुई। वह भी अस्पताल में दवाएं लेने पहुंचे हैं। ब्यूरो
पानी का करें अधिक प्रयोग
बदलते मौसम से बीमारियां होने का खतरा अधिक है। ऐसे में दिन में खूब पानी पिएं और ताजे फलों, रस और जूस की मात्रा बढ़ाएं। हल्के गर्म कपड़े जरुर पहनें। फ्रीज के पानी का प्रयोग न करें और न ही पंखे चलाकर सोएं। ब्यूरो