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Muzaffarnagar News: मनमाफिक मुआवजा मिलने तक नहीं देंगे एक इंच जमीन

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कलेक्ट्रेट में गोरखपुर एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन की आप​त्तियों पर सुनवाई करते एडीएम वित्त एवं रा
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मुजफ्फरनगर। गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले किसानों की आपत्तियों पर एडीएम वित्त एवं राजस्व अनिरुद्ध कुमार सिंह ने सुनवाई की। किसानों ने कहा कि मनमाफिक मुआवजा मिलने तक एक इंच जमीन नहीं देंगे।
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कलेक्ट्रेट में बुधवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व के कार्यालय में सुनवाई हुई। रोनी हरजीपुर, मुथरा और सिंभालकी गांव के किसानों ने अपनी समस्याएं रखी। किसानों का कहना था कि वर्तमान मूल्य से सर्किल रेट कम है। किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान होगा।
जमीन दो हिस्सों में बंट जाएगी और खेती करना भी मुश्किल हो जाएगा। किसानों ने कहा कि वह प्रशासन को मनमानी नहीं करने देंगे। सुनवाई के दौरान मुथरा के किसान कुलदीप, हरपाल, ओम प्रकाश सिंह, अनिल सिंह, रोहित, उस्मान, इनाम, मोहम्मद आजाद, सरफराज, रोनी हरजीपुर के मनोज राणा आदि मौजूद रहे।
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कम कीमत पर नहीं देंगे जमीन: संजय
नंगला राई के किसान एवं भाजपा प्रदेश कार्य समिति पिछड़ा वर्ग के सदस्य संजय धीमान ने कहा मुथरा गांव में उनकी जमीन के दाम 50 लाख रुपये बीघा हैं। जबकि सर्किल रेट मात्र चार लाख रुपये का है। उन्होंने जमीन की चहारदीवारी कराई है और फैक्टरी लगाने के लिए तैयारी है। वह गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए जमीन नहीं देने को तैयार नहीं है।
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किसी कीमत पर नहीं देंगे भूमि : ओमकार
मुथरा गांव में एलम के ओंकार की कृषि भूमि है। उन्होंने एडीएम वित्त के समक्ष गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए जमीन देने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को मामूली रेट पर जमीन अधिग्रहण नहीं किया जाए।
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किसानों के साथ नाइन्साफी: विजय पाल
रोनी हरजीपुर के किसान विजय पाल सिंह कहते हैं आबादी में जमीन का मुआवजा खेती की जमीन से 10 गुणा ज्यादा है। एक्सप्रेसवे का सर्किल रेट कृषि भूमि का है। इस रेट पर भूमि अधिग्रहण करना किसानों के साथ नाइन्साफी है।
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सही मिलना चाहिए मुआवजा : अनिल
मुथरा निवासी किसान अनिल कुमार ने बुधवार को सक्षम अधिकारी के सामने ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सर्किल रेट काफी कम हैं। वर्तमान बाजार भाव से सर्किल रेट तय होना चाहिए। किसानों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।


आज इन गांवों की सुनवाई
बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में पीपलहेड़ा, पीपलशाह और भोजाहेड़ी गांव के किसान अपनी आपत्तियां प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान भूमि अधिग्रहण और एनएचएआई के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
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