खतौली। खतौली ग्रामीण भूड़ क्षेत्र की करीब 20 हजार की आबादी स्वच्छ पेयजल को तरस रही है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत बनाए गए ओवरहेड टैंक से ग्रामीणों को जलापूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामीणों को परेशानी का सामान करना पड़ रहा है। यहां ग्रामीणों का कहना है कि लीकेज पाइप से पानी नालियों में बह जाता है।
टैंक का निर्माण करीब दो दशक पूर्व हो गया था, लेकिन ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हुआ है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में पाइप लाइन डालने का कार्य किया गया। पुरानी पाइप लाइन के स्थान पर नई पाइप लाइन डाली गई। इसके बाद भी ग्रामीणों को पानी नहीं मिला है।
ग्रामीण शाहनवाज का कहना है कि कई स्थानों पर पाइप लाइन में लीकेज है। इससे पानी लोगों को न मिलकर नालियों में चला जाता है।
गांव में बुआड़ा मार्ग पर अवर जलाशय का निर्माण कराया गया है। जिसकी क्षमता 600 किलो लीटर पानी की है। जबकि ऊंचाई 14 मीटर है। अवर जलाशय निर्माण की 438.17 लाख रुपये लागत है। कार्यदायी फर्म प्रतिनिधि मांगेराम ने बताया कि गांव में 2200 से अधिक पानी के कनेक्शन दिए गए हैं।
ग्रामीण मोहम्मद यामीन का कहना है कि पाइप डालने के दौरान गांव के रास्तों को खोद दिया गया। इससे आए दिए दुपहिया वाहन सवार चाेटिल होते रहते हैं। बारिश के दौरान गांव कई स्थानों पर जलभराव हो जाता है। रास्तों को ठीक नहीं कराया गया है।
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ग्रामीण नौशाद अहमद का कहना है कि गांव में आबादी के अनुरूप आरओ वाटर कूलर भी नहीं लगे हुए हैं। हैंडपंप की संख्या भी कम है। हैंडपंपों का पानी भी दूषित हो गया है।
खुद भरवाने पड़ रहे हैं गड्ढे
प्रधान के पति हाजी हारुन का कहना है कि पाइप लाइन डालने के दौरान खोदे गए गड्ढ़ों को ठीक कराने के लिए कई बार कहा गया है, लेकिन ठेकेदार कार्य करने को तैयार ही नहीं हैं। वह स्वयं गडढ़ों की मरम्मत करा रहे हैं। ब्लाॅक क्षेत्र में आबादी के हिसाब से गांव दूसरे नंबर पर आता है। तहसील कार्यालय भी गांव में ही है।
चार वाटर कूलर से कैसे बुझे प्यास
पेयजल आपूर्ति के इंतजाम कम है। ग्राम पंचायत सचिव नवतेज दीक्षित ने बताया कि गांव में चार आरओ वाटर कूलर लगे हैं। वह सभी चालू हैं। इसके अलावा 29 हैंडपंप लगे हैं। जिसमें एक हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है। जिसकी शीघ्र ही मरम्मत कराई जाएगी।