फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रकृति के विरुद्ध चलने का परिणाम भुगतना होगा

विज्ञापन
बुढ़ाना में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में प्रवचन करते जैन मुनि। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
विज्ञापन
प्रकृति के विरुद्ध चलने का परिणाम भुगतना होगा
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना। जैन मुनि वीरसागर जी महाराज ने कहा कि हमारे देश का शिक्षित समाज ही जंक फूड व फास्ट फूड की ओर दौड़ रहा है, जो घातक बीमारियों की वजह है। हिंसा के कारण देश गर्त में जा रहा है। हिंसा के कारण ही पूरी दुनिया महामारी की चपेट में आई है। प्रकृति के विरुद्ध चलने का परिणाम हम सभी को भुगतना होगा।
श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में शुक्रवार को प्रवचन के दौरान जैन मुनि वीरसागर जी महाराज ने कहा कि हम अपने घर में बासी रोटी खाना पसंद नहीं करते लेकिन बाजार का तीन से छह महीने पुराना भोजन खाना पसंद करते हैं। घर का बना मक्खन तीन दिन में खट्टा हो जाता है। बाजार का केमिकल युक्त मक्खन व अन्य सामान महीनों तक भी खट्टा नहीं होता। उन्होंने कहा कि हम पश्चिम देशों की संस्कृति को अपनाते जा रहे हैं। जबकि पश्चिमी देश अब मांसाहार व जंक फूड छोड़कर शाकाहार की ओर बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जैन मुनि ने कहा कि अहिंसा के मार्ग पर चलने से ही समाज व देश का कल्याण हो सकता है। उन्होंने कहा कि ऋषि बनो या कृषि करो, खेती करने में हिंसा कम होती है। उद्योगों में हिंसा अधिक होती है। हमारे देश में अधिक मात्रा में कीटनाशक दवाइयों के अधिक प्रयोग से ही बीमारियां फैल रही हैं। जैन मुनि धवल सागर जी महाराज ने कहा कि जैसा हम अपने लिए सोचते हैं, वैसा ही दूसरों के लिए सोचना चाहिए। जीओ और जीनेे दो का मार्ग ही उन्नति के पथ पर ले जाता है। इस मौके पर महेश जैन, नरेंद्र जैन, पवन जैन, अनुज उर्फ अप्पू जैन, सतेंद्र जैन, अनिल, विशाल व आशीष जैन सहित समाज की दर्जनों श्रद्धालु मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें