मुजफ़फनगर: पुलिस अफिस पर फरियाद कर, सऊदी अरब में पति के शव को भारत लाने की मांग करती महिला व बच्चें?
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तीन माह से युवक के शव का इंतजार
मुजफ्फरनगर। गांव बहेड़ी निवासी युवक की तीन माह पूर्व सऊदी अरब के रियाद शहर में कोरोना से मौत हो गई है, जिसके बाद से परिजन उसके शव की इंतजार कर रहे हैं। युवक की पत्नी ने बुधवार को डीएम से मिलकर शव स्वदेश मंगवाने या उसका अंतिम संस्कार कराकर संबंधित कंपनी से क्लेम दिलाने की गुहार लगाई है।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव बहेड़ी निवासी धर्मेंद्र कुमार पुत्र भोपाल करीब तीन साल से सऊदी अरब के रियाद शहर स्थित एक कंपनी में इलेक्ट्रीशियन था। पत्नी आरती अपने चार बच्चों के साथ गांव में ही परिजनों के साथ रहती है। आरती ने बुधवार को डीएम सेल्वा कुमारी जे को शिकायती पत्र देकर बताया कि पति धर्मेंद्र रियाद में रहते हुए ही कोरोना की चपेट में आ गए, जिन्हें फैमिली केयर हॉस्पिटल अल-नदीम रियाद में भर्ती कराया गया था। वहां उपचार के दौरान 23 जून को धर्मेंद्र की मौत हो गई, जिनके शव को वहीं हॉस्पिटल की मॉर्चरी में रखा गया है। आरती के अनुसार, पति की मौत की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पति का सऊदी अरब में ही अंतिम संस्कार कराने या शव स्वदेश भेजे जाने की अपील करते हुए शादाब अहमद के माध्यम से सभी जरूरी कागजात रियाद हॉस्पिटल को भेज दिए थे। पीड़िता के अनुसार, इसके बावजूद न तो अब तक उनके पति के शव का अंतिम संस्कार किया गया है और न ही शव स्वदेश भेजा जा रहा है। वहीं, धर्मेंद्र जिस कंपनी में जॉब करते थे, उस कंपनी ने भी अब तक उनकी तनख्वाह जारी नहीं की है। पीड़िता के अनुसार, एक तरफ तो वह पति का अंतिम संस्कार नहीं करा पा रही है और दूसरी तरफ चार छोटे बच्चों की परवरिश में भी उसे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़िता ने डीएम से पति के शव का सऊदी अरब में ही अंतिम संस्कार कराने या शव स्वदेश लाए जाने के साथ ही संबंधित कंपनी से पति की बकाया तनख्वाह व फंड आदि जारी कराने की गुहार लगाई है। इस संबंध में डीएम सेल्वा कुमारी जे का कहना है कि युवक की कोविड-19 की चपेट में आने से मौत हुई है। इस संबंध में पीड़िता को मरीज का मृत्यु प्रमाणपत्र दिलाए जाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, एंबेसी में बात कर शव का अंतिम संस्कार कराने या स्वदेश लाए जाने का भी अनुरोध किया जाएगा।