जिला निर्वाचन अधिकारी जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि वोटर स्लिप से भी मतदाता पोलिंग बूथों पर जाकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन कोई भी व्यक्ति सुरक्षा कर्मी को लेकर बूथों के अंदर नहीं जा पाएगा। जनप्रतिनिधि चुनाव एजेंट भी नहीं बन पाएंगे।
कलक्ट्रेट में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि पहले चरण के मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बृहस्पतिवार शाम पांच बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। इसके बाद कोई भी व्यक्ति या प्रत्याशी राजनीतिक प्रचार नहीं कर पाएगा। 10 फरवरी को नवीन मंडी स्थल कूकड़ा से पोलिंग पार्टियों को ईवीएम एवं अन्य चुनाव सामग्री देकर रवाना कर दिया जाएगा। 11 फरवरी को पोलिंग बूथों पर सवा छह बजे पीठासीन अधिकारी प्रत्याशियों के चुनाव एजेंट के सामने मॉक पोल करेंगे। इसके बाद सात बजे से मतदान प्रारंभ कर दिया जाएगा।
बीएलओ घर-घर वोटर स्लिप पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इस मतदाता पर्ची पर मतदाता के संबंध में सभी जानकारी दी गई हैं। इसके साथ ही गूगल मैप से प्राप्त नक्शे के आधार पर मतदाताओं को पोलिंग स्टेशन के संबंध में जानकारी देते हुए यह भी बताया गया है कि उनका मत कहां पर डालने की व्यवस्था की गई है। कोई भी जनप्रतिनिधि चुनाव एजेंट नहीं बन पाएगा। मतदान के दिन प्रत्याशियों को सुरक्षाकर्मियों को साथ लेकर बूथों के अंदर प्रवेश करने की इजाजत नहीं होगी।
छह विधानसभा क्षेत्रों में तीन सुपर जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं। इनके अधीन जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ ही स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी काम करेंगे। इनमें बुढ़ाना और चरथावल विधानसभा क्षेत्रों के लिए एडीएम वित्त सुनील कुमार सिंह, पुरकाजी और मुजफ्फरनगर सदर सीट के लिए एडीएम प्रशासन मनोज कुमार चौहान और एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह, खतौली और मीरापुर विधानसभा सीटों के लिए सीडीओ अंकित कुमार अग्रवाल एवं एसपी ट्रैफिक कृष्णगोपाल यादव सुपर जोनल मजिस्ट्रेट होंगे।
वोट डालने के लिए दिए 12 विकल्प
जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2017 में मतदाता मतदाता पहचान पत्र के साथ 12 अन्य विकल्प दिए गए है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत मतदाता पहचान पत्र तथा पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राज्य/केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी उनके कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त पहचानपत्र, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों/पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक,
पैन कार्ड, आरजीआई एवं एनपीआर द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, निर्वाचन तंत्र द्वारा जारी प्रमाणित फोटो मतदाता पर्ची एवं सांसदों, विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचानपत्र एवं आधार कार्ड में से कोई एक पहचान पत्र मतदाता के पास होना अनिवार्य है। डीएम ने कहा कि उक्त पहचानपत्रों में से मतदाता जिन्हें निर्वाचक फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं मतदान स्थल पर मत डालने से पहले पहचान सुनिश्चित करने हेतु अपना निर्वाचक फोटो पहचान पत्र दिखाएंगे।